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भवानीमंडी । ( जगदीश पोरवाल ) चाचा ने पढ़ाई के बारे में अपने 10 वर्षीय भतीजे से क्या बात कर ली वह गुस्से मे घर से नाराज होकर गंगापुर सिटी से ट्रेन में चढ़ गया , आरपीएफ ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत शामगढ़ स्टेशन पर ट्रेन से उतारा, चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से बाल कल्याण समिति को सौंपा गया ।बाद में आरपीएफ ने बालक को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया ।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि कोटा मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक 10 वर्षीय बालक को सुरक्षित संरक्षण मिल सका। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत ट्रेन संख्या 12926 पश्चिम एक्सप्रेस एस 5 कोच में अकेले सफर कर रहे बालक को शामगढ़ स्टेशन पर सुरक्षित उतारकर उससे पूछताछ की गई तथा आवश्यक कार्रवाई के बाद बाल कल्याण समिति, कोटा के सुपुर्द किया गया।
पढ़ाई को लेकर चाचा के समझाने पर घर से भागने का कदम उठाया
पूछताछ में बालक ने अपना नाम लक्ष्य ( बदला हुआ नाम ), उम्र 10 वर्ष, निवासी करौली, राजस्थान बताया। बालक ने बताया कि वह गंगापुर सिटी में अपने चाचा खुशीराम के पास रहता था। पढ़ाई को लेकर चाचा द्वारा समझाने के बाद वह घर से निकल गया और ट्रेन में सवार हो गया था।
बाल कल्याण समिति कोटा के सामने बालक के परिजनों को सुपुर्द किया
बालक को सुरक्षित रखने के साथ ही सहायक उप निरीक्षक राजेश तिवारी ने तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचना दी। हेल्पलाइन से मिले दिशा-निर्देशों के अनुसार बाल कल्याण समिति, कोटा से संपर्क किया गया।
इसके बाद बालक को आरपीएफ स्टाफ आर. मोहन दास के साथ सुरक्षित कोटा भेजा गया। कोटा में रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट पर बाल कल्याण समिति के कोऑर्डिनेटर आकाश अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। बालक के चाचा खुशीराम भी मौके पर मौजूद थे।
रेल्वे द्वारा ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत आरपीएफ द्वारा बच्चों की सुरक्षा और उनके संरक्षण के लिए लगातार सतर्कता बरती जा रही है।
