जनसंदेश न्यूज़ (जगदीश पोरवाल )
कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा संकटग्रस्त और गुमशुदा बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आरपीएफ टीम लगातार सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करते हुए आए दिन बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर रही है। इसी कड़ी में आरपीएफ ने दो अलग-अलग मामलों में घर से बिना बताए निकली दो नाबालिग बालिकाओं को सकुशल बरामद कर चाइल्डलाइन कोटा के सुपुर्द किया है।
मामला 1: परिचित से मिलने आई नाबालिग बुकिंग हॉल से बरामद
दिल्ली पुलिस व आरपीएफ कंट्रोल से मिली सूचना के आधार पर आरपीएफ पोस्ट कोटा के सहायक उप निरीक्षक श्रीकृष्ण बघेल व उनकी टीम ने गाड़ी संख्या 12416 में तलाश शुरू की। शुरुआत में न मिलने पर प्लेटफॉर्म संख्या 2 और बुकिंग हॉल में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, जहां 16 वर्षीय बालिका अपने 17 वर्षीय परिचित लड़के के साथ मिली। महिला आरक्षक अनीता मीणा की देखरेख में दोनों को आरपीएफ पोस्ट लाया गया। पूछताछ में सामने आया कि बालिका अपने परिचित से मिलने घर से निकली थी। चाइल्डलाइन के प्रतिनिधि जितेश महावर और जागृति आहूजा की मौजूदगी में दोनों को सुपुर्दगीनामा के माध्यम से चाइल्डलाइन को सौंप दिया गया।

मामला 2: अवध एक्सप्रेस से उत्तर प्रदेश की किशोरी का रेस्क्यू
दूसरे मामले में 05.08.2026 को मनीष कुमार नामक व्यक्ति ने आरपीएफ को सूचना दी कि उनके मित्र की 17 वर्षीय बहन घरेलू विवाद के बाद घर से निकल गई है और गाड़ी संख्या 19038 अवध एक्सप्रेस में सवार है। ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत तुरंत कार्रवाई करते हुए हेड कांस्टेबल भगवान सिंह और महिला कांस्टेबल विमला देवी ने कोटा स्टेशन पर ट्रेन के सामान्य कोच में गहन तलाशी लेकर उत्तर प्रदेश (फतेहपुर) निवासी बालिका को सुरक्षित अभिरक्षा में लिया। चाइल्डलाइन काउंसलर महिमा पंचाल व जागृति आहूजा की उपस्थिति में आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर बालिका को safe custody में सौंपा गया।

यात्रियों से रेलवे प्रशासन की अपील
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के माध्यम से आरपीएफ बच्चों के सुरक्षित संरक्षण के लिए लगातार मुस्तैद है। रेल प्रशासन ने अपील की है कि स्टेशन या ट्रेन में कोई भी असहाय अथवा संदिग्ध स्थिति में बच्चा दिखे, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 या नजदीकी आरपीएफ कर्मी को सूचित करें।
