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रेलवे परिसरों को कचरा मुक्त और सुंदर बनाने के लिए शुरू हुई विशेष पहल; सफाई के बाद होगी सख्त निगरानी ताकि दोबारा न फैले गंदगी
भवानीमंडी । (जगदीश पोरवाल )। पश्चिम मध्य रेलवे का कोटा मंडल ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के तहत रेल परिसरों की सूरत बदलने के लिए एक बड़े कायाकल्प अभियान में जुट गया है। मंडल भर में चिन्हित कुल 1200 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों और कचरा संवेदनशील स्थलों को पूरी तरह स्वच्छ, व्यवस्थित और सुंदर बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष अभियान के तहत स्टेशन परिसरों, रेलवे कॉलोनियों, यार्डों, रेलवे ट्रैक के आसपास और अन्य रेल संपत्तियों पर सघन सफाई अभियान चलाया जा रहा है। वर्षों से जमा पुराने कचरे और अपशिष्ट को हटाकर इन स्थलों को स्थायी रूप से नया रूप दिया जा रहा है।
पारदर्शिता और स्थायी बदलाव पर जोर
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि हर चिन्हित स्थल पर सफाई कार्य शुरू होने से पहले और कार्य पूरा होने के बाद की स्थिति को डिजिटल रूप से दर्ज किया जा रहा है। इससे न केवल सफाई के वास्तविक बदलाव को देखा जा सके, बल्कि कार्य की गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, जिन स्थानों को साफ कर दिया गया है, वहां दोबारा गंदगी न फैले—इसके लिए नियमित निगरानी प्रणाली और कड़े इंतजाम लागू किए जा रहे हैं।
एक बार की सफाई नहीं, स्थायी आदत बनाने का लक्ष्य
विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। रेल प्रशासन का उद्देश्य केवल एक बार कचरा हटाना नहीं, बल्कि इन चिन्हित स्थानों का स्थायी कायाकल्प कर स्वच्छता को दैनिक कार्यप्रणाली और सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाना है।
‘स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत’ में सहयोग की अपील
रेल प्रशासन ने सभी रेलकर्मियों, यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे रेलवे परिसरों को साफ-सुथरा रखने में अपना योगदान दें। कचरा हमेशा निर्धारित डस्टबिन में ही डालें और ‘स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत’ के इस राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में सहभागी बनें।
