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भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल ) क्षेत्र में इस वर्ष मानसून की बेरुखी ने आमजन, किसानों और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। इस बार अब तक पिछले वर्ष (2025) की तुलना में आधी से कुछ ही अधिक बारिश दर्ज की गई है। बारिश न होने से पड़ रही उमस भरी गर्मी के कारण अस्पतालों में मरीजों की कतारें लग रही हैं, वहीं जल स्रोत खाली पड़े होने से आने वाले दिनों में पानी का संकट गहराने की आशंका है।
बारिश का अंतर: 26 इंच के मुकाबले महज 14.75 इंच
पचपहाड़ तहसील सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष 6 अगस्त 2025 तक क्षेत्र में 661 मिमी (26 इंच) बारिश हो चुकी थी, जबकि इस वर्ष 6 अगस्त 2026 तक मात्र 375 मिमी (14.75 इंच) ही बारिश दर्ज हुई है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष कुल बारिश 42 इंच से अधिक हुई थी, लेकिन इस बार जल स्रोत खाली हैं और किसान-व्यापारी मानसून के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
उमस से बढ़े मौसमी बीमारियों के मरीज
तेज धूप और उमस के कारण वायरल इंफेक्शन, गले में खराश, बुखार और हाथ-पैरों में दर्द की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ. रोहिताश ने बताया:
- सामान्य दिन (मंगल, गुरु, शनि): आउटडोर में 600 से 700 मरीज पहुंच रहे हैं।
- विशेष दिन (सोम, बुध, शुक्र): सोनोग्राफी की सुविधा होने से इन दिनों मरीजों की संख्या 700 से 800 तक पहुंच जाती है।
क्षेत्र के किसान फसलों को बचाने के लिए अब ईश्वर से अच्छी बारिश की कामना कर रहे हैं।

