भवानीमंडी (जगदीश पोरवाल)।
उपखंड के गुराडिया जोगा गांव में किसान आयुष पाटीदार के खेत पर 14 जुलाई की रात अज्ञात बदमाशों द्वारा करीब 3,000 पपीते के पौधे काट देने के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घटना के 23 दिन बाद पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को डिटेन कर लिया है।
आरोपी की डिटेनिंग के साथ ही भवानीमंडी उपाधीक्षक कार्यालय के बाहर एक सप्ताह से जारी धरना और तीन दिन से चल रही भूख हड़ताल भी समाप्त हो गई। पुलिस प्रशासन ने अनशन पर बैठे किसान नेता लक्ष्मण सिंह लूनाखेड़ा को नारियल पानी पिलाकर उनकी भूख हड़ताल तुड़वाई।
7 दिन में जांच पूरी कर आरोपी को किया डिटेन
थाना अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्हें 7 दिन पहले ही इस मामले की जांच सौंपी गई थी। पुलिस टीम ने साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए प्रकरण का खुलासा किया और आरोपी को डिटेन कर लिया। फिलहाल मामले में विधि सम्मत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
31 जुलाई से जारी था अनिश्चितकालीन धरना
उल्लेखनीय है कि आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज किसान 31 जुलाई से डीएसपी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। बुधवार को धरने का 7वां दिन था और 3 दिन से लक्ष्मण सिंह लूनाखेड़ा अनशन पर थे।
आपसी रंजिश न रखने की अपील
अनशन समाप्त होने के बाद किसान नेता लक्ष्मण सिंह लूनाखेड़ा ने पुलिस प्रशासन के सहयोग का आभार जताया। उन्होंने धरने में सहयोग देने वाले सभी समाजजनों व ग्रामीणों का धन्यवाद करते हुए अपील की कि कोई भी आपस में रंजिश न रखे और न ही कानून को अपने हाथ में ले।
कांग्रेस प्रत्याशी चेतन गहलोत का प्रस्तावित धरना निरस्त
डग विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे चेतन गहलोत ने भी इस मामले को लेकर गुरुवार से डीएसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने का ऐलान किया था। हालांकि, पुलिस द्वारा आरोपी को डिटेन किए जाने के बाद प्रस्तावित धरना निरस्त कर दिया गया।

