झालावाड़ में ‘स्वास्थ्य दल आपके द्वार’ अभियान शुरू, मौसमी बीमारियों पर कसा जाएगा शिकंजा
झालावाड़, (जगदीश पोरवाल – जनसंदेश ) 5 अगस्त:
मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिले में व्यापक स्तर पर ‘स्वास्थ्य दल आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत की गई है। निदेशालय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जयपुर के निर्देशों के तहत यह विशेष अभियान 4 अगस्त से 27 अगस्त तक चलाया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. साजिद खान ने बताया कि आंकड़ों के मुताबिक अगस्त से नवंबर के बीच डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों के मामलों में वृद्धि होती है। संक्रमण की इस श्रृंखला (ट्रांसमिशन चेन) को तोड़ने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है, जिसे विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से पूरा किया जाएगा।
घर-घर सर्वे और फॉगिंग की तैयारी
उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लेखराज मालव ने अभियान की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि:
- घर-घर निगरानी: डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर, आशा, एएनएम और सीएचओ की टीमें घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की पहचान करेंगी और उनकी रक्त पट्टिका (ब्लड स्लाइड) तैयार करेंगी।
- सुपरविजन एवं मॉनिटरिंग: एमपीडब्ल्यू, एलएचवी और पीएचएम जैसे सुपरवाइजरी स्टाफ टीमों के काम की निगरानी करेंगे। वहीं जिला एवं राज्य स्तर से हाउस इंडेक्स और ब्रेटू इंडेक्स की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
- एंटी-लार्वा और जागरूकता गतिविधियां: टीमें सोर्सेज रिडक्शन, एंटी-लार्वा और एंटी-एडल्ट गतिविधियों के साथ-साथ आमजन को जागरूक करेंगी। सभी गतिविधियों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी।
लापरवाही पर कटेगा चालान
अभियान के तहत शहरी निकायों और पंचायती राज विभाग के सहयोग से नालियों की सफाई, फोगिंग, सड़कों के गड्डों को भरने और ठहरे पानी में एमएलओ (MADD/MLO) डालने का काम किया जाएगा।
- नोटिस व चालान: जिन घरों या परिसरों में मच्छर के लार्वा पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार नोटिस देने और चालान काटने की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- प्रशिक्षण एवं सफाई: खाली प्लॉटों से जमा पानी हटाने, बड़े जलाशयों की सफाई और कचरा संग्रह हूपर के जरिए माइक से जागरूकता फैलाने का कार्य होगा। इसके अलावा, सफाई कर्मचारियों को लार्वा प्रदर्शन और एंटी-लार्वा गतिविधियों का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
चिकित्सा विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें और अभियान में स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें।
