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झालावाड़ | 22 जुलाई:
जिला प्रशासन, महिला अधिकारिता विभाग, झालावाड़ पुलिस प्रशासन एवं आर.के.सी.एल. के संयुक्त तत्वावधान में ‘डिजिटल साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान’ के तहत बुधवार को महिला शिक्षण विहार में तीन दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं एवं किशोरियों को साइबर अपराधों से बचाना और उन्हें डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित, जिम्मेदार व जागरूक उपयोग के प्रति प्रेरित करना है।
ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर बुलिंग से बचाव के बताए तरीके
कार्यशाला के प्रथम दिन विषय-विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को वर्तमान में बढ़ रहे साइबर अपराधों, जैसे—ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, फर्जी कॉल व मैसेज से बचाव, सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल, डिजिटल भुगतान की सुरक्षा और ऑनलाइन गेमिंग के जोखिमों से अवगत कराया। इसके साथ ही व्यक्तिगत जानकारी व डेटा को सुरक्षित रखने के प्रभावी उपाय भी साझा किए गए।
1930 और 181 हेल्पलाइन नंबर की दी जानकारी
विशेषज्ञों ने बालिकाओं को किसी भी साइबर अपराध का शिकार होने पर त्वरित सहायता के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और महिला हेल्पलाइन नंबर 181 के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया।
विशेषज्ञों की प्रमुख सलाह:
- हमेशा मजबूत और सुरक्षित पासवर्ड बनाएं।
- ओटीपी (OTP) व बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
- किसी भी संदिग्ध या अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर गोपनीयता (Privacy) और सुरक्षा सेटिंग्स का सही उपयोग करें।
विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि डिजिटल युग में प्रत्येक बालिका एवं किशोरी का साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है, ताकि वे डिजिटल रूप से सशक्त और सुरक्षित नागरिक बन सकें।
इस अवसर पर पन्नाधाय सुरक्षा एवं सलाह केंद्र, साइबर पुलिस प्रशासन, आर.के.सी.एल. टीम, छात्रावास प्रशासन सहित बड़ी संख्या में बालिकाओं और किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यशाला आगामी दिनों में भी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में जारी रहेगी।

