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जल-वीरों के सम्मान से बढ़ेगा आपदा के समय सहयोग का भाव- जिला कलक्टर
झालावाड़, 17 सितम्बर। जिले में 10 एवं 11 अगस्त, 2026 को हुई भारी बारिश के कारण विभिन्न क्षेत्रों में उत्पन्न जलभराव की स्थिति के दौरान जिला एवं पुलिस प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आमजन की सहायता करने वाले 26 नागरिकों को ‘जल-वीर’ सम्मान से सम्मानित किया गया।
प्राकृतिक आपदा एवं जलभराव जैसी विषम परिस्थितियों में आमजन तक पहुंचकर राहत एवं सहायता कार्यों में जिला प्रशासन का सहयोग करने वाले इन नागरिकों के उत्साहवर्धन तथा समाज में आपदा के समय सहयोग एवं सेवा की भावना को और मजबूत करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय पर ‘जल-वीर सम्मान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जलभराव के दौरान उल्लेखनीय सहयोग करने वाले नागरिकों को आमंत्रित कर सम्मान-पत्र प्रदान किए गए।
इस अवसर पर जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय स्थानीय नागरिकों का सहयोग राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे नागरिकों का सम्मान न केवल उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता है, बल्कि इससे अन्य लोगों को भी संकट की घड़ी में मानवता एवं सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे आने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल-वीरों के सम्मान से आपदा के समय सहयोग का भाव बढ़ेगा।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि कई बार अतिवृष्टि के समय ऐसी परिस्थितियां बनती है जब दूरस्थ क्षेत्र में घटना होने पर प्रशासन एवं सहायता हेतु संसाधनों को पहुंचने में समय लग जाता है ऐसे में घटना स्थल पर मौजूद लोगों को सूझबूझ रखकर प्रभावित लोगों की मदद करने की आवश्यकता होती है। ऐसा ही घटनाक्रम अगस्त माह में सुनेल में घटित हुआ जिसमें वहां मौजूद लोगों ने प्रभावित बच्चों एवं आम नागरिकों को सुरक्षित निकाला।
उन्होंने बताया कि कस्बा सुनेल, ग्राम कचराखेड़ी रायपुर, बोरखेड़ी गुर्जरान झालरापाटन, ग्राम कामखेड़ा तथा झिकनी-मनोहरथाना सहित विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव के दौरान आमजन, बच्चों एवं अन्य नागरिकों को सुरक्षित निकालने में स्थानीय नागरिकों ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। इनके सहयोग से किसी भी प्रकार की जनहानि जैसी अप्रिय घटना घटित नहीं हुई।
सम्मानित जल-वीरों में कस्बा कामखेड़ा, रायपुर क्षेत्र, झालरापाटन क्षेत्र, सुनेल तथा मनोहरथाना क्षेत्र के नागरिक शामिल रहे। इन्होंने जलभराव के दौरान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में प्रशासन का सहयोग किया।
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