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उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री के निर्देश पर चला 7 दिवसीय विशेष अभियान; 18 धर्मकांटों की हुई जांच, 5 प्रतिष्ठानों पर गिरी गाज
जगदीश पोरवाल (जनसंदेश ) 02 जुलाई 2026
झालावाड़: जिले में तौल और माप में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री के विशेष निर्देशों पर जिले भर में संचालित हो रहे धर्मकांटों के विरुद्ध एक व्यापक और सघन औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। दिनांक 26 जून 2026 से शुरू होकर 02 जुलाई 2026 तक चले इस सात दिवसीय विशेष अभियान से नियम विरुद्ध कार्य करने वाले व्यवसायियों में हड़कंप मच गया।
इस अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए एक विशेष विभागीय जांच दल का गठन किया गया था। यह जांच दल विधिक माप विज्ञान अधिकारी दुर्गेश कुमार के कुशल नेतृत्व में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहा। अभियान के दौरान दल द्वारा कुल 18 धर्मकांटों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया, जहां उपकरणों के सत्यापन, तौल की शुद्धता और आवश्यक दस्तावेज़ों की बारीकी से जांच की गई।
इन प्रतिष्ठानों पर पाई गई अनियमितता:
जांच दल द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान कुल 5 प्रमुख प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं और नियम विरुद्ध संचालन पाया गया। इन प्रतिष्ठानों के नाम इस प्रकार हैं:
- विकास व्हील
- अकलेरा स्टील
- मोतीराम कान्ट्रेक्टर
- सुजुकी इण्डस्ट्रीज
- माधव स्टोन क्रेशर
राजकीय कोष में जमा हुआ जुर्माना:
निरीक्षण के दौरान विधिक प्रावधानों का उल्लंघन करने और तौल प्रणाली में अनियमितताएं पाए जाने पर जांच दल ने कड़ा रुख अपनाया। नियमों की अवहेलना करने वाले उक्त सभी 5 प्रतिष्ठानों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 17,500/- रुपये का आर्थिक जुर्माना आरोपित किया गया। जुर्माने की यह संपूर्ण राशि सफलतापूर्वक वसूल कर राजकीय कोष में जमा करा दी गई है।
आगामी दिनों में और सख्त होगी कार्रवाई:
विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई महज़ एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी पूरे जिले में धर्मकांटों की नियमित और आकस्मिक जांच का यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी भी प्रतिष्ठान में उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी या तौल में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विधिक माप विज्ञान अधिनियम के तहत बेहद सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
नोट- चित्र AI द्वारा बनाया गया काल्पनिक है ।
