जगदीश पोरवाल (जनसंदेश )
कोटा। मानसून के दौरान भारी बारिश, आंधी-तूफान और बाढ़ जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी ट्रेनों का संचालन सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने कमर कस ली है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए मंडल में विशेष निगरानी और व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन के अनुसार, मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा के निर्देशन में एक प्रभावी मानसून कार्ययोजना लागू की गई है।
सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम
संवेदनशील स्थानों पर नजर: मंडल में 63 संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है।
सुरक्षाकर्मियों की तैनाती: रेल पटरियों की सतत निगरानी के लिए 48 पेट्रोलमैन और 116 वाचमैन तैनात किए गए हैं।
वॉटर लेवल अलार्म सिस्टम: बाढ़ जैसी स्थिति से समय रहते निपटने के लिए संवेदनशील पुलों पर 06 स्थानों पर वॉटर लेवल अलार्म सिस्टम लगाए गए हैं, जो वास्तविक समय (Real-time) में जलस्तर की जानकारी देंगे। इसके अलावा बांध और पुलों सहित 50 अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
तकनीकी रखरखाव और तैयारियां
जलभराव और परिचालन में बाधा को रोकने के लिए रेलवे ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
जल निकासी: यार्ड और रेल पथों पर पानी जमा न हो, इसके लिए नालियों और पुलियों की व्यापक सफाई की गई है।
पेड़ों की छंटाई: ओवरहेड बिजली तारों और सिग्नल प्रणाली को नुकसान से बचाने के लिए ट्रैक के आसपास की पेड़ों की शाखाओं को काटा गया है।
सिग्नल एवं संचार: आपातकालीन स्थिति में संपर्क बनाए रखने के लिए वॉकी-टॉकी सेटों को पूरी तरह चार्ज और चालू हालत में रखा गया है, साथ ही सिग्नलिंग केबलों का तकनीकी अनुरक्षण (Maintenance) पूरा कर लिया गया है।
प्रतिबद्धता: कोटा मंडल स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर यात्रियों को सुरक्षित और विश्वसनीय रेल सेवा दी जा सके।

