शिक्षा के लिए सहयोग करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य: जिला कलक्टर

शिक्षा के लिए सहयोग करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य: जिला कलक्टर

  • विद्यालय विकास में आर्थिक सहयोग देने वाले भामाशाहों का किया सम्मान
  • शॉल, श्रीफल व प्रशस्ति-पत्र भेंट कर जिला कलक्टर ने जताया आभार

झालावाड़, 29 जून। शिक्षा विभाग के माध्यम से जिले में विद्यालयों के विकास हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करने वाले भामाशाहों के सम्मान में सोमवार को मिनी सचिवालय सभागार में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

​शिक्षा के क्षेत्र में योगदान समाज का भविष्य संवारता है: कलक्टर

​समारोह को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में दिया गया योगदान समाज के भविष्य को संवारने का कार्य करता है। विद्यालयों के विकास के लिए आर्थिक सहयोग देना केवल दान नहीं, बल्कि एक पुण्य और सामाजिक उत्तरदायित्व का कार्य है। उन्होंने कहा कि भामाशाहों के सहयोग से विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होता है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो पाता है। समाज और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से ही शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने सभी भामाशाहों का आभार व्यक्त करते हुए अन्य लोगों से भी इस पुनीत कार्य में आगे आने का आह्वान किया।

​सरकारी विद्यालयों की बदल रही है तस्वीर

​इससे पूर्व, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राम सिंह मीणा ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं भामाशाहों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जिले में कई भामाशाह विद्यालयों के विकास में बढ़-चढ़कर योगदान दे रहे हैं, जिससे सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

​इन दानदाताओं और प्रेरकों का हुआ सम्मान

​समारोह के दौरान जिला कलक्टर द्वारा सभी भामाशाहों को श्रीफल, शॉल व प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया:

मुख्य भामाशाह श्रेणी:

  • विनय मालव: राउप्रावि सारोलाकला (खानपुर) में दो कक्ष मय बरामदा निर्माण हेतु 22.60 लाख रुपये का सहयोग।
  • फरनिश कुमार विजय: महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय पचपहाड़ के विकास हेतु 3.20 लाख रुपये का सहयोग।
  • सत्यनारायण लोहार: राउमावि गंगधार डग में जल मंदिर निर्माण व विकास हेतु 2.00 लाख रुपये का सहयोग।
  • परमानन्द गुर्जर: राउप्रावि नलखेड़ी, राउमावि झीझनी, राउमावि मिश्रोली व पीएमश्री भवानीमंडी विद्यालय हेतु 1.63 लाख रुपये का सहयोग।
  • मोर सिंह: राउप्रावि पिपलोदी-मनोहरथाना के लिए 1.08 लाख रुपये का सहयोग।
  • कैलाश बाई लोधा: स्वामी श्री रामेश्वर आश्रम राउमावि गुरूकुल बकानी के लिए 1.04 लाख रुपये का सहयोग।
  • घनश्याम गुर्जर: राउमावि भूमाड़ा़-बकानी के विकास हेतु 1.00 लाख रुपये का सहयोग।

प्रेरक श्रेणी (भामाशाहों को प्रेरित करने वाले):

  • राजेन्द्र कुमार सामरिया: सारोलाकला (खानपुर) विद्यालय में दो कक्ष एवं बरामदा निर्माण हेतु 22.60 लाख रुपये के दान के लिए भामाशाह को प्रेरित किया।
  • मोहम्मद नावेद अंसारी: राबाउमावि मंगलपुरा (झालावाड़) के विकास हेतु 7 लाख रुपये के सहयोग के लिए भामाशाह को प्रेरित किया।

​कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी, कार्मिक एवं जिले के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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