15 अ
जगदीश पोरवाल
15 अगस्त का सूर्य जब स्वतंत्रता का पावन सवेरा लेकर आता है, तब पूरा देश तिरंगे के रंग में रंगकर आजादी की खुशियां मना रहा होता है। चारों तरफ देशभक्ति के तराने गूंजते हैं, घरों और चौराहों पर मिठाइयां बंटती हैं। लेकिन इसी जश्न के बीच, शहर की सड़कों पर, अस्पतालों के गलियारों में, बिजली के खंभों पर और पुलिस के थानों में कुछ लोग अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहते हैं।
जब हम अपने परिवारों के साथ त्योहार मना रहे होते हैं, तब ये ‘अनाम नायक’ अपने अपनों से दूर, हमारे और आपके परिवार की सुरक्षा और सहूलियत के लिए पसीना बहा रहे होते हैं।
ना दिन देखा, ना रात… ना वार देखा, ना त्योहार
शहर और जिले भर में सेवाएं दे रहे ऐसे कई विभाग हैं, जिनके लिए ड्यूटी ही उनकी सबसे बड़ी इबादत है:
देश की सरहद और सुरक्षा: देश की तीनों सेनाएं सीमा पर तो डटी ही हैं, साथ ही पुलिस प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात गश्त करती है।
जिंदगी की सांसें: स्वास्थ्य विभाग, एंबुलेंस सेवा (108) के डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ किसी की उखड़ती सांसों को बचाने के लिए त्योहारों वाले दिन भी बिना थके दौड़ते रहते हैं।
अंधेरे और संकट से जंग: विद्युत विभाग के कर्मचारी जो भीषण बारिश या आंधी में भी हमारे घरों को रोशन रखने के लिए जान जोखिम में डालते हैं। फायर ब्रिगेड के जवान जो हर पल आग से खेलने को तैयार रहते हैं।
शहर की नब्ज: नगर पालिका, जल प्रदाय विभाग, परिवहन विभाग, जिला प्रशासन और राजस्व विभाग के कर्मचारी, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि शहर की सफाई, पानी की सप्लाई और प्रशासनिक व्यवस्था में एक पल की भी रुकावट ना आए।
एक सलाम इनके नाम…
“जब सारा शहर सोता है, या खुशियों में खोता है,
तब कोई अपना घर छोड़, फर्ज की राह में खड़ा होता है।”
आपात स्थिति हो या कोई अचानक आई समस्या, इन विभागों के अधिकारी और कर्मचारी कभी पीछे नहीं हटते। स्वतंत्रता दिवस के इस पावन पर्व पर, जहाँ हम देश के वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हैं, वहीं हमें अपने आसपास मौजूद इन 24 घंटे मुस्तैद रहने वाले कर्मयोगियों का भी दिल से आभार व्यक्त करना चाहिए।
आइए, इस 15 अगस्त पर एक सैल्यूट इन जांबाज और समर्पित कर्मचारियों के नाम भी करें, जो बिना थके, बिना रुके, हमारी खुशियों के लिए अपने त्योहार न्योछावर कर देते हैं।
जय हिंद, जय भारत!

