11 दिनों में 5 जोड़ी नेत्रदान: भवानीमंडी में नेत्रदान के प्रति बढ़ी जागरूकता, 10 चिरागों को मिलेगी नई रोशनी

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भवानीमंडी ( जगदीश पोरवाल )

क्षेत्र में नेत्रदान के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता अब धरातल पर रंग लाती दिख रही है। अगस्त माह के मात्र 11 दिनों के भीतर भवानीमंडी और आसपास के क्षेत्रों में 5 जोड़ी नेत्रदान संपन्न हो चुके हैं, जिससे 10 दृष्टिहीन लोगों के जीवन में नया उजाला फैलेगा। इसी कड़ी में गुरुवार की देर रात हुए दो और नेत्रदान से 4 लोगों को नई नेत्र ज्योति मिलने जा रही है।

​देर रात बारिश और विकट परिस्थितियों में पूरा हुआ मिशन

​भारत विकास परिषद के नेत्रदान प्रभारी एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के नगर संयोजक कमलेश दलाल ने बताया कि दिगंबर जैन समाज भवानीमंडी के पूर्व अध्यक्ष विजय जैन ‘जूली’ की पूज्य माताजी श्रीमती दाखी बाई जैन के निधन पर राजकीय चिकित्सालय के नर्सिंग अधिकारी अविनाश जैन और आलोक जैन की प्रेरणा से परिजनों ने नेत्रदान का पुनीत निर्णय लिया।

​सूचना मिलते ही शाइन इंडिया फाउंडेशन के डॉ. कुलवंत गौड़ तेज बारिश और विषम परिस्थितियों के बावजूद रात 2 बजे कोटा से ‘ज्योति-रथ’ लेकर भवानीमंडी पहुँचे और कॉर्निया उत्सर्जन की प्रक्रिया पूरी की।

​रास्ते में एम्बुलेंस में संपन्न हुआ दूसरा नेत्रदान

​भवानीमंडी में प्रक्रिया जारी रहने के दौरान ही दलाल के पास फलोदी माता मंदिर के ट्रस्टी बबलू गुप्ता (इकलेरा) का फोन आया। उन्होंने सूचित किया कि मनोहरथाना निवासी भाजपा नेता ललित कुमार एवं मोहित कुमार की माताजी श्रीमती जानकी बाई (उप प्रधान, पंचायत समिति मनोहरथाना) का जयपुर में इलाज के दौरान आकस्मिक निधन हो गया है और समाज सेवी परिवार नेत्रदान करना चाहता है।

​समय की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉ. कुलवंत ने भवानीमंडी से लौटते वक्त कोटा-भवानीमंडी मार्ग पर स्थित दरा के पास जयपुर से आ रही एम्बुलेंस को रुकवाया। एम्बुलेंस में ही नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया संपादित की गई। पूरी रात की मशक्कत के बाद डॉ. कुलवंत सुबह 5 बजे दो जोड़ी (4 कॉर्निया) लेकर कोटा पहुँचे।

​चारों कॉर्निया जयपुर आई बैंक भेजे गए

​ईबीएसआर बीबीजे कोऑर्डिनेटर डॉ. कुलवंत गौड़ के अनुसार, दोनों दिवंगत माताओं से प्राप्त चारों कॉर्निया पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित हैं। इन्हें जयपुर स्थित आई बैंक भेज दिया गया है, जहाँ से 4 जरूरतमंदों को प्रत्यारोपण के माध्यम से नई दृष्टि दी जाएगी।

मुनिश्री की प्रेरणा से मिला विचार

दिवंगत दाखी बाई के पुत्र विजय जैन और पौत्र प्रभव जैन ने बताया कि पिछले वर्ष भवानीमंडी चातुर्मास के दौरान मुनिश्री निष्पक्ष सागर महाराज एवं मुनिश्री निष्प्रह सागर महाराज के प्रवचनों से प्रेरित होकर उनके परिवार में नेत्रदान का संकल्प जागा था।

​नेत्रदान प्रभारी कमलेश दलाल ने बताया कि पिछले 11 दिनों में भवानीमंडी क्षेत्र से हुआ यह रिकॉर्ड 5वाँ नेत्रदान है, जिसमें 4 महिला दानदाता शामिल हैं। क्षेत्रवासी इस सेवा कार्य के लिए दानदाता परिवारों की सराहना कर रहे हैं।

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