पति की हत्या करने वाली कलयुगी पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास: भवानीमण्डी न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला

थाना सुनेल के सांगरिया गांव का मामला; कोर्ट में 23 गवाहों और 65 दस्तावेजों के आधार पर हुआ फैसला।

भवानीमण्डी, 29 जून।

अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (भवानीमण्डी) श्री राजीव दत्तात्रेय की अदालत ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पत्नी द्वारा अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की निर्मम हत्या करने के मामले में दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

​अपार लोक अभियोजक हेमराज शर्मा ने बताया कि मामला थाना सुनेल के ग्राम सांगरिया का है, जहाँ साल 2024 में मुकदमा संख्या 204/2024 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 3(5) एवं 238(ए) में दर्ज किया गया था। घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट मृतक शिवराज सिंह राजपूत के भाई नरेन्द्र सिंह द्वारा दर्ज करवाई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे मृतक की बेटी अदिति ने अपने चाचा को घर बुलाया। जब वे भाई के मकान पर पहुँचे तो देखा कि उनके भाई शिवराज सिंह का शव चारपाई पर लहूलुहान अवस्था में पड़ा था, उनके सिर से खून बह रहा था और हाथ में हीटर की स्प्रिंग लिपटी हुई थी।

23 गवाहों और साक्ष्यों ने दिलाई सजा:

थाना सुनेल पुलिस द्वारा अनुसंधान के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। मामले की पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक श्री हेमराज शर्मा ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में कुल 23 गवाहों के बयान लेखबद्ध करवाए गए, साथ ही 65 दस्तावेज एवं 8 आर्टिकल प्रदर्शित करवाए गए।

न्यायालय द्वारा सुनाया गया कड़ा दण्ड:

माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों की सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पत्नी किरण कुंवर (पत्नी शिवराज सिंह राजपूत) एवं उसके प्रेमी सुरेन्द्र सिंह उर्फ सुन्दर सिंह (पुत्र गोपाल सिंह राजपूत) दोनों निवासी सांगरिया को दोषी माना।

  • धारा 103(1), 3(5) के तहत: दोनों दोषियों को आजीवन कारावास और 20,000-20,000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
  • धारा 238(ए) के तहत: साक्ष्य मिटाने के अपराध में दोनों को 07 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000-10,000/- रुपये का अतिरिक्त अर्थदण्ड सुनाया गया।

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