झालावाड़, 23 जून।
वन विभाग द्वारा अवैध वानिकी गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मंगलवार को मनोहरथाना क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। उपवन संरक्षक (डीसीएफ) सागर पंवार के नेतृत्व में संयुक्त दल ने क्षेत्र में संचालित चार अवैध आरा मशीनों को पूरी तरह ध्वस्त कर उनकी सामग्री जब्त कर ली। इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध लकड़ी कारोबारियों और माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
खैर और सागवान की तस्करी पर लगाम
उपवन संरक्षक सागर पंवार ने बताया कि मनोहरथाना क्षेत्र में खैर एवं सागवान की अवैध कटाई तथा तस्करी की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए वन विभाग, पुलिस और विद्युत विभाग के संयुक्त दल द्वारा एक सुनियोजित दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान दो अवैध आरा मशीनों को जेसीबी की सहायता से मौके पर ही जमींदोज कर दिया गया, जबकि शेष दो मशीनों को लोडर की मदद से उखाड़कर जब्त किया गया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे पुलिस और वनकर्मियों ने मुस्तैदी से नियंत्रित किया। विद्युत विभाग की टीम ने भी तत्काल प्रभाव से इन अवैध इकाइयों के बिजली कनेक्शन काट दिए। मौके से भारी मात्रा में अवैध सागवान, अन्य लकड़ियां और मशीनरी उपकरण जब्त कर वन विभाग ने नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
5 रेंजों की संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा
इस व्यापक कार्रवाई को सफल बनाने के लिए वन विभाग ने अपनी पांच रेंजों के कार्मिकों और विशेष गश्ती दल को मैदान में उतारा था। अभियान में मनोहरथाना, अकलेरा, झालावाड़ एवं खानपुर रेंज के कार्मिकों की मुख्य भूमिका रही।
टीम में क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक मालव, राजेन्द्र मीणा एवं विक्रम सिंह जालंधर के नेतृत्व में सहायक वनपाल जुगराज मीणा, ओमप्रकाश नागर, रामस्वरूप, वीरेन्द्र सिंह शेखावत, मुनेष कुमार मीणा, उम्मेद सिंह, संजय कुमार, सुनील कुमार, संगीता मेहर तथा इंदिरा लववंशी सहित बड़ी संख्या में वनकर्मी शामिल रहे।
15 दिनों में 50 से अधिक वाहनों पर कार्रवाई
गौरतलब है कि झालावाड़ वन विभाग पिछले कुछ समय से माफियाओं के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है। पिछले मात्र 15 दिनों के भीतर विभाग ने अवैध वानिकी गतिविधियों में लिप्त 50 से अधिक वाहनों को जब्त कर कड़ी कार्रवाई की है।
“वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले और अवैध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। झालावाड़ वन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाने के लिए विभाग का यह सख्त अभियान आगे भी पूरी कड़ाई से जारी रहेगा।”
— सागर पंवार, उपवन संरक्षक, झालावाड़

