झ
जिला कलेक्टर ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना; 100 दिनों तक ग्रामीण क्षेत्रों में चलेगा जनजागरूकता का महाअभियान
झालावाड़, 22 जून। ( जनसंदेश )
जिले में बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक कुरीतियों के खात्मे के लिए जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग द्वारा एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। मनोहरथाना, अकलेरा और बकानी ब्लॉक के कुछ समुदायों में व्याप्त ‘झगड़ा प्रथा’ जैसी कुप्रथा के उन्मूलन के लिए “झगड़ा हटाओ – समाज बचाओ” नामक 100 दिवसीय विशेष जनजागरूकता अभियान का आगाज किया गया है।
जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में जिला कलेक्टर ने विशेष रूप से तैयार किए गए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। इस अवसर पर कुप्रथा के दुष्प्रभावों को उजागर करने वाले विशेष पोस्टर का विमोचन भी किया गया।
क्या है अभियान का उद्देश्य?
कलेक्टर ने बताया कि जिले के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को लेकर अनधिकृत आर्थिक लेन-देन और अलोकतांत्रिक सामाजिक दंड (झगड़ा प्रथा) का चलन है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य:
- बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा को प्राथमिकता देना।
- समाज को इस कुप्रथा के दुष्परिणामों के प्रति सचेत करना।
- लैंगिक समानता और महिला अधिकारों के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना।
- पुलिस विभाग
- पंचायती राज विभाग
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
- शिक्षा विभाग
- महिला एवं बाल विकास विभाग
- राजीविका (Rajeevika)
जिला प्रशासन ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षकों, युवाओं और महिला समूहों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं ताकि बालिकाओं के लिए एक सुरक्षित और प्रगतिशील समाज का निर्माण किया जा सके।

