भवानीमंडी: राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के.के. राठी पदमुक्त, गुपचुप दुकान बेचने के मामले में ट्रस्टियों ने की बड़ी कार्रवाई



भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल ) श्री राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर पिछले एक महीने से चल रहा विवाद अब एक बड़े मोड़ पर आ गया है। मंदिर की बेसकीमती दुकान को औने-पौने दामों में गुपचुप तरीके से बेचने के आरोपों से घिरे ट्रस्ट अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार (के.के.) राठी को आखिरकार पद से मुक्त कर दिया गया है। ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों और सदस्यों ने एक स्वर में निर्णय लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से अध्यक्ष पद से निष्कासित कर दिया है।

ट्रस्टियों ने जारी किया पत्र, कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

शनिवार (20 जून 2026) को श्री राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित एक आधिकारिक पत्र ‘सर्वधर्म हिंदू मंदिर रक्षा समिति’ को प्राप्त हुआ। इस पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि तमाम ट्रस्टी सदस्य पिछले 8 दिनों से अध्यक्ष के.के. राठी से इस्तीफे की मांग को लेकर संपर्क में थे, लेकिन उनके द्वारा इस्तीफा नहीं दिया गया।
अध्यक्ष की कार्यप्रणाली और कुछ संदिग्ध गतिविधियों से असंतुष्ट होकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने यह कड़ा कदम उठाया है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख सदस्यों में शामिल हैं:
श्री राधेश्याम गुप्ता (उपाध्यक्ष)
श्री द्वारकादास पोरवाल (सचिव)
श्री राधेश्याम अग्रवाल (कोषाध्यक्ष)
श्री रमेशचंद मांधना
श्री बालकिशन गुप्ता
श्री पुरषोत्तम पालीवाल
श्री गोविन्द गुप्ता
इस पत्र की एक प्रति आवश्यक कार्रवाई हेतु सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग (कोटा, राज.) को भी प्रेषित की गई है।

क्या है पूरा मामला?

मामला स्टेशन रोड के समीप स्थित मंदिर की एक बहुमूल्य दुकान की बिक्री से जुड़ा है। गत माह की 19 तारीख को एक दुकान जिस पर दुकानदार सुरेश लड्ढा काबिज थे , उसको बेहद गुपचुप तरीके से मात्र ₹65 लाख में बेच दिया गया था। आरोप है कि इस दुकान की वास्तविक बाजार कीमत ₹1 करोड़ से अधिक थी।
अध्यक्ष के.के. राठी पर अपने चहेतों को फायदा पहुँचाने और इस पूरी बेचान प्रक्रिया में भारी हेराफेरी करने के आरोप लगे। इस वित्तीय गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी को लेकर स्थानीय स्तर पर समाचार माध्यमों (जनसंदेश) द्वारा लगातार खबरें उजागर की जा रही थीं, जिससे नगर के श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश व्याप्त था।

जन-आक्रोश रैली और एसडीएम को ज्ञापन

दुकान बिक्री में हुई इस कथित मिलीभगत के खिलाफ भवानीमंडी के आम भक्तों और हिंदू समाज में पिछले एक महीने से गहरा असंतोष था। मंदिर की संपत्ति को बचाने के लिए नगर में एक विशाल वाहन जन-आक्रोश रैली भी निकाली गई थी, जिसके बाद उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की गई थी। इस विवाद की आंच ट्रस्ट के अन्य सदस्यों पर भी आने लगी थी, जिसके बाद यह बड़ी आंतरिक कार्रवाई की गई है।

आगामी कदम: नुकसान की पूर्ति के लिए बुलाई जाएगी आम सभा

‘सर्वधर्म हिंदू मंदिर रक्षा समिति’ के सदस्य प्रीतपाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अध्यक्ष को पदमुक्त किए जाने के बाद अब अगला कदम मंदिर को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करना है। दुकान बिक्री मामले में मंदिर ट्रस्ट को जो भी वित्तीय घाटा हुआ है, उसकी पूर्ति के लिए बहुत जल्द एक ‘आम सभा’ बुलाई जाएगी, जिसमें नगर के प्रबुद्ध जनों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में उचित विधिक और सामाजिक समाधान निकाला जाएगा।

” श्री राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के के राठी को अध्यक्ष पद से मुक्त करने का पत्र ट्रस्ट के सदस्यों द्वारा समिति के सदस्य डॉक्टर जे के अरोड़ा को दिया गया, पूरी समिति ट्रस्ट के सभी सदस्यों के इस साहसिक कदम की सराहना करती है “

प्रीतपाल सिंह
सदस्य – सर्व धर्म हिंदू मंदिर रक्षा समिति
भवानीमंडी


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