जगदीश पोरवाल (जनसंदेश )
झालावाड़, 18 जून।
राष्ट्रीय बांस मिशन (NBM) के तहत जिले में बांस आधारित कृषि और रोजगार के नए अवसर विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। वर्ष 2026-27 के लिए चयनित 50 किसानों के चार दिवसीय राज्यस्तरीय शैक्षणिक भ्रमण दल को जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर जिला कलक्टर ने रवाना होने वाले किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने जिले में बांस उत्पादन की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि किसान इस यात्रा से प्राप्त आधुनिक ज्ञान और तकनीकों को अपने खेतों में अपनाएं ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। कलक्टर ने सभी किसानों को एक सफल और ज्ञानवर्धक यात्रा के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
मिलेगा आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण
उप निदेशक (उद्यान) सुभाष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय बांस मिशन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को गुणवत्तापूर्ण कच्चा बांस उपलब्ध कराना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और कुटीर एवं हस्तशिल्प उद्योगों को प्रोत्साहित करना है। इसी योजना के तहत झालावाड़ जिले को वर्ष 2026-27 के लिए 9 हेक्टेयर क्षेत्र में 3600 बांस के पौधों के रोपण का लक्ष्य मिला है।
इन प्रमुख केंद्रों का दौरा करेंगे किसान
चार दिवसीय भ्रमण के दौरान किसान बांस उत्पादन, पौधारोपण, प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और विपणन (मार्केटिंग) की आधुनिक कड़ियों को समझेंगे। यह दल कई प्रमुख अनुसंधान और उत्कृष्टता केंद्रों का दौरा करेगा, जिनमें शामिल हैं:
- सीताफल उत्कृष्टता केन्द्र, चित्तौड़गढ़
- रामकुण्डा ओगणा (झाड़ोल)
- बम्बू नर्सरी, फूलवारी की नाल (कोटड़ा)
- कृषि विज्ञान केन्द्र, सिरोही
- बम्बू सेलिंग पॉइंट, स्वरूपगंज
- रेंज गोगरूंद घाटा देवला
- राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर
राष्ट्रीय बांस मिशन के माध्यम से किसानों को बांस बगीचा स्थापना, उच्च गुणवत्ता वाली पौध सामग्री और लगातार तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से जिले में पारंपरिक खेती के साथ-साथ बांस उत्पादन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा, जिससे आने वाले समय में किसानों के लिए आय के नए और स्थायी स्रोत तैयार होंगे।

