जनसंदेश (जगदीश पोरवाल )
भवानीमंडी। शहरवासियों और दुधाखेड़ी माताजी तथा गरोठ मार्ग पर आवागमन करने वाले हजारों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में भवानीमंडी स्थित कालवा स्थान रेलवे फाटक (एलसी-64 एक्स) पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण के लिए 47.64 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना को लेकर रेलवे विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं तथा भूमि अवाप्ति (अधिग्रहण) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार ओवरब्रिज निर्माण के लिए आवश्यक औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं और आगामी दो से तीन माह में टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ होने की संभावना है। परियोजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र के लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है।
सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) भवानीमंडी के अधिशासी अभियंता श्याम बिहारी ने बताया कि एलसी-64 एक्स पर आरओबी निर्माण का कार्य रेलवे विभाग द्वारा कराया जा रहा है। इस परियोजना के निर्माण में पीडब्ल्यूडी विभाग की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है।
फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से मिलेगी मुक्ति
कालवा स्थान स्थित रेलवे फाटक शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दुधाखेड़ी माताजी मंदिर तथा वाहन चालक गरोठ और अन्य क्षेत्रों की ओर आवागमन करते हैं। रेलगाड़ियों के आवागमन के दौरान फाटक बंद होने पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे लोगों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है।
रेलवे ओवरब्रिज बनने के बाद वाहनों की आवाजाही निर्बाध होगी और जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी। साथ ही यात्रा का समय कम होने के साथ सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि ओवरब्रिज निर्माण से न केवल यातायात व्यवस्था सुगम होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। लंबे समय से लंबित इस परियोजना के लिए बजट स्वीकृति और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू होने से क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल है।
यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो आगामी महीनों में टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के बाद भवानीमंडी की बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज परियोजना साकार होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ जाएगा।

