पशु कल्याण को लेकर जिला कलेक्टर गंभीर: बेसहारा श्वानों का बधियाकरण तेज करने व पशुधन का विस्तृत डाटा तैयार करने के निर्देश

पॉलीथिन के खिलाफ चलेगा जन-जागरूकता अभियान; गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए पानी की टंकियां व परिंडे लगाने को कहा

झालावाड़, 13 जून (जनसंदेश/जगदीश पोरवाल)।

जिला पशुक्रूरता निवारण समिति की बैठक शनिवार को जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिले में पशु कल्याण, बेसहारा श्वानों (कुत्तों) की समस्या, निराश्रित पशुओं के संरक्षण और पशुधन प्रबंधन से जुड़े विभिन्न गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

श्वानों की आबादी पर लगेगा अंकुश, एबीसी कार्यक्रम में लाएं तेजी

​बैठक में जिला कलेक्टर ने शहर में बढ़ती बेसहारा श्वानों की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि शहर के बेसहारा श्वानों को चिन्हित कर उन्हें नियमित रूप से पकड़ने और उनके बधियाकरण (Sterilization) की कार्रवाई में तेजी लाई जाए। कलेक्टर ने कहा कि आमजन की सुरक्षा और श्वानों की आबादी पर नियंत्रण के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम को पूरी संवेदनशीलता और प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित हो।

तैयार होगा पशुधन का समेकित डेटाबेस

​भविष्य की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर ने पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक को जिले के पशुपालकों, गोशालाओं और बेसहारा पशुओं से संबंधित आंकड़ों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:

​”जिले में उपलब्ध कुल पशुधन, संचालित गोशालाओं की वर्तमान स्थिति, उनमें संरक्षित पशुओं की संख्या तथा निराश्रित पशुओं का एक समेकित विवरण (Data) तैयार कर जल्द प्रस्तुत किया जाए, ताकि पशु संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी लाभ मिल सके।”

गोवंश को बचाने के लिए जिला बनेगा पॉलीथीन मुक्त

​बैठक में जिले को पॉलीथीन मुक्त बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला कलेक्टर ने कहा कि पॉलीथीन का सेवन करने से निराश्रित गोवंश और अन्य मूक पशुओं के स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल व जानलेवा प्रभाव पड़ता है। इसके समाधान के लिए जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर कपड़े, जूट और कागज की थैलियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों और सामाजिक संगठनों को मिलकर जागरूकता गतिविधियां चलाने के निर्देश दिए।

भीषण गर्मी में पेयजल के लिए लगेंगे परिंडे व टंकियां

​वर्तमान ग्रीष्मकाल को देखते हुए जिला कलेक्टर ने निराश्रित पशुओं और पक्षियों के लिए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि नगर परिषद, ग्राम पंचायतों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों पर पानी की टंकियां व परिंडे स्थापित किए जाएं, ताकि भीषण गर्मी में बेजुबानों को राहत मिल सके।

जनसहभागिता से रुकेगी पशु क्रूरता

​बैठक के दौरान पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सभी से पशुओं के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने की अपील की गई। कलेक्टर ने पशु कल्याण से जुड़े सभी प्रयासों को जनसहभागिता के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इस बैठक में जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग सहित संबंधित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।

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