हाड़ौती-मालवा रेल परियोजना को रफ्तार: 12 जून को श्यामपुर-कुरावर खंड का होगा सी आर एस निरीक्षण



कोटा | जगदीश पोरवाल
हाड़ौती क्षेत्र को मध्य प्रदेश के मालवा अंचल और राजधानी भोपाल से सीधे जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित रामगंज मंडी–भोपाल नई बड़ी रेल लाइन परियोजना को एक और बड़ी कामयाबी मिलने जा रही है। परियोजना के तहत नवनिर्मित श्यामपुर–कुरावर रेलखंड का आगामी 12 जून 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त (CRS), मुंबई द्वारा अंतिम सुरक्षा व तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा। इस ट्रैक पर ट्रेनों के परिचालन की दिशा में इसे बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सुबह 8 से शाम 7 बजे तक होगा सघन जांच ट्रायल

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि 276 किलोमीटर लंबी इस पूरी परियोजना में रामगंज मंडी से ब्यावरा तक का करीब 165 किलोमीटर का हिस्सा कोटा मंडल के तहत आता है। रेलवे इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरा कर रहा है। इससे पहले नयागांवपुरा कुमार–खिलचीपुर, जरखेड़ा–श्यामपुर और खिलचीपुर–राजगढ़ सिटी खंडों का सीआरएस निरीक्षण पहले ही सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
अब 12 जून को सुबह 8:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक श्यामपुर–कुरावर खंड पर संरक्षा एवं तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच होगी। इस दौरान ट्रैक की परिचालन क्षमता और सुरक्षा को परखने के लिए हाई-स्पीड स्पेशल ट्रेनों को दौड़ाकर गति परीक्षण (स्पीड ट्रायल) भी किया जाएगा।

सफर होगा आसान: दूरी 100 किमी और समय 3 घंटे तक घटेगा

इस नई रेल लाइन के पूरी तरह शुरू होने से राजस्थान के कोटा व झालावाड़ तथा मध्य प्रदेश के राजगढ़, सीहोर और भोपाल जिले सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।

वर्तमान स्थिति: अभी कोटा से भोपाल जाने के लिए ट्रेनों को नागदा–उज्जैन या बीना होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।
नया रूट: नई लाइन चालू होने से दोनों शहरों के बीच की दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम हो जाएगी। इससे यात्रियों के 2 से 3 घंटे बचेंगे।
कोयला परिवहन में राहत: झालावाड़ की कालीसिंध ताप विद्युत परियोजना (कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट) तक कोयला पहुंचाने का मार्ग भी 42 किलोमीटर छोटा हो जाएगा, जिससे मालभाड़े में भारी बचत होगी।

इन क्षेत्रों के विकास को लगेंगे पंख

परियोजना के पूरी तरह साकार होने पर रामगंज मंडी, झालरापाटन, असनावर, अकलेरा, घाटोली, भोजपुर और खिलचीपुर जैसे कई पिछड़े व ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस रेल लिंक से न केवल आमजन का सफर सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जो स्थानीय सामाजिक-आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

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