झालावाड़, 9 जून। ( जगदीश पोरवाल )
जिले में फसलों को नीलगाय, जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से बचाने के लिए कृषि विभाग ने एक बड़ी पहल की है। विभाग द्वारा जिले में कांटेदार और चैनलिंक तारबंदी कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए जिले को 5.50 लाख मीटर तारबंदी का लक्ष्य मिला है, जिससे करीब 1900 किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
कृषि विभाग (विस्तार) के संयुक्त निदेशक डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह योजना किसानों की मेहनत की कमाई और फसलों को सुरक्षित रखने में बेहद मददगार साबित हो रही है। योजना के तहत किसानों को खेतों की तारबंदी के लिए भारी अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है।
पात्रता के लिए क्या हैं शर्तें?
डॉ. शर्मा के अनुसार, योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंड तय किए गए हैं:
- व्यक्तिगत आवेदन: किसान के पास एक ही स्थान पर कम से कम 0.5 हेक्टेयर भूमि होनी चाहिए।
- समूह आधारित आवेदन: कम से कम 2 किसान और न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर भूमि का होना जरूरी है।
- सामुदायिक स्तर: न्यूनतम 7 किसान और कम से कम 5 हेक्टेयर भूमि होना आवश्यक है।
किस श्रेणी में कितना मिलेगा अनुदान?
정부 (सरकार) द्वारा अलग-अलग श्रेणियों में अनुदान का प्रावधान इस प्रकार है:
- सामान्य किसान (व्यक्तिगत/समूह): लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40,000 रुपये।
- लघु एवं सीमांत किसान: लागत का 60 प्रतिशत या अधिकतम 48,000 रुपये।
- सामुदायिक तारबंदी: सभी श्रेणी के किसानों को लागत का 70 प्रतिशत या अधिकतम 56,000 रुपये तक की सहायता।
तारबंदी के नियम और मानदंड
योजना के तहत खेतों में कम से कम 150 सेंटीमीटर ऊंचाई तक कांटेदार तारबंदी करना अनिवार्य है। इसके साथ ही अधिकतम 15 फीट की दूरी पर लोहे के एंगल लगाने होंगे। यदि कोई किसान खेत की पक्की परकोटा दीवार (बाउंड्री वॉल) बनाकर उसके ऊपर तारबंदी करता है, तो उसे भी नियमानुसार अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास नवीनतम जमाबंदी की प्रति होना आवश्यक है। यदि जमीन किसान के नाम पर नहीं है, तो राजस्व विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी नोशनल शेयरधारक प्रमाण-पत्र देना होगा।
यहाँ करें आवेदन: संयुक्त निदेशक ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाने के लिए राज किसान पोर्टल पर जाकर जन आधार की मदद से तुरंत आवेदन करें। किसी भी समस्या के समाधान के लिए नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
नोट -चित्र ए आई द्वारा निर्मित काल्पनिक है ।

