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चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, रात में कोटा जंक्शन पर रेलवे चिकित्सा दल की तत्परता से माँ-बच्चा सुरक्षित
कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में रेलवे की त्वरित चिकित्सा व्यवस्था और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब वलसाड–सुबेदारगंज स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 04120) में यात्रा कर रही 24 वर्षीय श्रीमती सोनी देवी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि 8 जून की रात 2:50 बजे रेलवे वाणिज्य नियंत्रण कक्ष को सूचना प्राप्त हुई कि वलसाड से फतेहपुर सीकरी जा रही महिला यात्री को ट्रेन में प्रसव पीड़ा हो रही है। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने तत्काल चिकित्सा दल को अलर्ट किया तथा कोटा जंक्शन पर आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित की।
भारी बारिश के बावजूद भी पहुंचा रेलवे चिकित्सा दल
गाड़ी के रात्रि 3:15 बजे कोटा जंक्शन पहुंचने पर भारी वर्षा के बावजूद रेलवे चिकित्सकीय दल, जिसमें डॉ. सना जमील (सीएमपी) एवं स्टाफ ड्रेसर अकीला बानो शामिल थीं, तुरंत मौके पर पहुंचा। दल के पहुंचने तक शिशु का जन्म हो चुका था। इसके बाद चिकित्सा दल ने तत्काल स्थिति का आकलन करते हुए नवजात की नाभिनाल की एंटीसेप्टिक सफाई एवं स्टेराइल क्लैम्पिंग की तथा माँ की प्रसवोत्तर चिकित्सकीय जांच की। साथ ही माँ और नवजात के स्वास्थ्य की गहन निगरानी की गई।
रेलवे द्वारा आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाई गई
जांच में नवजात स्वस्थ बालक पाया गया। चिकित्सा दल ने माँ एवं नवजात को बेहतर देखभाल के लिए अस्पताल जाने की सलाह दी, लेकिन परिजनों ने यात्रा जारी रखने का निर्णय लिया। इस पर रेलवे द्वारा आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं तथा नवजात एवं प्रसूता की देखभाल संबंधी आवश्यक परामर्श दिया गया।
प्रस्थान के समय श्रीमती सोनी देवी एवं उनका नवजात पुत्र दोनों स्वस्थ और सुरक्षित थे। रेलवे चिकित्सा दल की तत्परता, पेशेवर दक्षता और संवेदनशील कार्यप्रणाली से इस आपात स्थिति का सफलतापूर्वक प्रबंधन किया गया।

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