क
पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त; यात्री ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी और आम जनता को मिलेगा सीधा लाभ
कोटा। ( जगदीश पोरवाल)
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने मालगाड़ी संचालन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। मंडल ने दिनांक 07 जून 2026 को एक ही दिन में रिकॉर्ड 50 क्रैक मालगाड़ियों का सफल संचालन किया है। कोटा मंडल का इससे पूर्व का सर्वोच्च रिकॉर्ड एक दिन में 45 क्रैक मालगाड़ियों के संचालन का था, जिसे अब पीछे छोड़ दिया गया है।
परिचालन और टीआरओ (TRO) विभागों के समन्वित प्रयासों से मिली इस सफलता के दौरान मालगाड़ियों की औसत गति 41.18 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई।
क्या होती हैं क्रैक मालगाड़ियाँ?
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि:
”क्रैक मालगाड़ियाँ वे विशेष मालगाड़ियाँ होती हैं, जिनके मार्ग की लॉबियों पर बीच रास्ते में क्रू (चालक दल) नहीं बदला जाता। इस व्यवस्था से क्रू, रोलिंग स्टॉक और लोकोमोटिव संसाधनों का कई गुना अधिक उपयोग संभव हो पाता है और गाड़ियाँ बिना किसी रुकावट के अपने गंतव्य तक तेज़ी से पहुँचती हैं।”
उन्होंने इस बड़ी सफलता का श्रेय कंट्रोल कक्ष में तैनात समस्त स्टाफ की दिन-रात की कड़ी मेहनत, प्रभावी योजना और बेहतर तालमेल को दिया।
यात्री ट्रेनों को मिलेगा ‘ग्रीन कॉरिडोर’, सुधरेगा समय पालन
यात्रियों के दृष्टिकोण से इस रिकॉर्ड संचालन का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि जब मालगाड़ियाँ बिना रुके तेज गति से निकलेंगी, तो रेल ट्रैक पर यात्री ट्रेनों के लिए अधिक खाली पाथ (रास्ता) उपलब्ध होगा।
- इससे यात्री गाड़ियों के समय पालन (Punctuality) में बड़ा सुधार होगा।
- मार्ग में होने वाले अनावश्यक ठहराव कम होंगे।
- रेल यात्रा अधिक सुरक्षित, सुगम और विश्वसनीय बनेगी, जिसका सीधा लाभ प्रतिदिन सफर करने वाले लाखों यात्रियों को मिलेगा।
आम जनता और बाजार को सीधा फायदा
तेज मालगाड़ी संचालन से देश की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को बड़ी मजबूती मिलेगी। बिजलीघरों तक कोयला, बाजारों तक खाद्यान्न, खेतों तक उर्वरक, और निर्माण स्थलों तक सीमेंट जैसी आवश्यक वस्तुएं अब बिना किसी देरी के समय पर पहुँच सकेंगी। इससे बाजार में वस्तुओं की उपलब्धता बनी रहेगी और कीमतों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी, जिससे किसान, व्यापारी और आम उपभोक्ता सभी लाभान्वित होंगे।

