कोटा-नागदा रेल खंड: भवानीमंडी पार्सल बुकिंग में अव्वल, रामगंजमंडी और शामगढ़ जैसे बड़े स्टेशनों पर बंद



भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल )
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल अंतर्गत कोटा-नागदा रेल खंड पर पार्सल बुकिंग को लेकर एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। इस पूरे रूट पर भवानीमंडी रेलवे स्टेशन सर्वाधिक पार्सल बुकिंग करने वाला स्टेशन बन गया है। मुनाफे और पर्याप्त बुकिंग के अभाव में रेलवे ने रामगंजमंडी जंक्शन और शामगढ़ जैसे प्रमुख बड़े स्टेशनों पर पार्सल ऑफिस बंद कर दिए हैं, लेकिन भवानीमंडी में यह व्यवस्था आज भी पूरी रफ्तार से चल रही है।

धनिया और टायर की बुकिंग ने बचाया पार्सल ऑफिस

रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भवानीमंडी स्टेशन पर पार्सल ऑफिस चालू रहने के पीछे सबसे बड़ी वजह यहाँ से होने वाली स्थानीय उत्पादों की बुकिंग है।
धनिया की मांग: यहाँ से मुख्य रूप से धनिया आगरा, दाहोद, गोधरा और वडोदरा तक बुक किया जाता है।
टायरों की सप्लाई: इसके अलावा नागदा के लिए भारी मात्रा में टायरों की बुकिंग होती है।
दैनिक औसत: स्टेशन से रोजाना औसतन 50 से 60 नग पार्सल बुक किए जा रहे हैं।
पड़ोसी शहरों का भी सहारा: रामगंजमंडी, गरोठ और शामगढ़ से भी अब लोग अपने पार्सल (विशेषकर दुपहिया वाहन) बुकिंग के लिए भवानीमंडी स्टेशन ही लाते हैं।

सिर्फ 5 मिनट का स्टॉपेज, फिर भी रिकॉर्ड काम

भवानीमंडी में माल भेजने के लिए व्यापारियों के पास मात्र एक मुख्य ट्रेन कोटा-वडोदरा पार्सल उपलब्ध है, जिसका यहाँ 5 मिनट का ठहराव (स्टॉपेज) है। इसी सीमित समय में अधिकांश माल चढ़ाया जाता है। अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव मात्र 2 मिनट होने के कारण उनमें इक्का-दुक्का पार्सल ही लोड हो पाता है।

चौमहला और आलोट में भी बची है रौनक

कोटा-नागदा के बीच भवानीमंडी के अलावा केवल दो अन्य स्टेशनों पर ही पार्सल ऑफिस चालू हैं, जहां का स्थानीय व्यापार इन्हें संभाले हुए है:

चौमहला स्टेशन: यहाँ के पार्सल ऑफिस से मुख्य रूप से भारी मात्रा में मावा (खोया) की बुकिंग की जाती है।

विक्रमगढ़-आलोट स्टेशन: इस स्टेशन से क्षेत्र के प्रसिद्ध मावे के साथ-साथ ताजे फूलों की बुकिंग बड़े पैमाने पर होती है।

घाटे के चलते बंद हुए अन्य ऑफिस
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, जिन स्टेशनों पर पार्सल ऑफिस बंद किए गए हैं, वहां बुकिंग की मात्रा न के बराबर रह गई थी। पर्याप्त राजस्व न मिलने के कारण रेलवे को आर्थिक घाटा उठाना पड़ रहा था, जिसके चलते रामगंजमंडी और शामगढ़ सहित बीच के अन्य सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर पार्सल सेवाएं बंद करने का कड़ा फैसला लेना पड़ा।

नोट-चित्र एआई द्वारा बनाया गया काल्पनिक है ।



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