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कोटा। विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर कोटा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। चिकित्सा एवं वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में स्टेशन के सभी खाद्य स्टॉल और ट्रॉली विक्रेताओं को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसने के कड़े निर्देश दिए गए।
इस वर्ष विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की थीम “समस्या से समाधान की ओर — हर जगह सुरक्षित भोजन” के तहत विक्रेताओं को यात्रियों के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया गया। अधिकारियों ने दोकियो को समझाया कि दूषित भोजन न केवल स्वास्थ्य बिगाड़ता है, बल्कि शिक्षा और अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर डालता है।
अखबार की स्याही सेहत के लिए जहर: वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री दिनेश कुमार मीणा ने विक्रेताओं को कड़े शब्दों में हिदायत दी है कि किसी भी खाद्य सामग्री को समाचार पत्र (अखबार) में लपेटकर या रखकर यात्रियों को नहीं दिया जाएगा।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। अखबार की स्याही में मौजूद घातक रासायनिक तत्व भोजन में मिलकर उसे दूषित कर देते हैं, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। विशेष रूप से गर्म और तैलीय (ऑयली) खाद्य पदार्थों में यह जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
विक्रेताओं के लिए जारी जरूरी गाइडलाइंस:
- व्यक्तिगत स्वच्छता: सभी वेंडर अपने हाथों और नाखूनों की नियमित सफाई रखेंगे।
- भोजन का रखरखाव: खाद्य सामग्री को हमेशा ढककर रखा जाएगा और केवल स्वच्छ बर्तनों का ही उपयोग होगा।
- पैकिंग मानक: भंडारण और पैकिंग के लिए केवल स्वीकृत और मानक सामग्री का ही प्रयोग किया जाएगा, अखबार का उपयोग पूर्णतः निषिद्ध रहेगा।
इस मौके पर स्टेशन अधीक्षक (वाणिज्य) श्री विकास गुप्ता, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक श्री ओ.पी. राठौर, चिकित्सा स्वास्थ्य निरीक्षक श्री विष्णु कुमार शर्मा सहित अन्य रेल अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को स्वच्छ व सेहतमंद भोजन देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

