कोटा। (जगदीश पोरवाल)
ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा, स्वच्छता और बेहतर खान-पान को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेल ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब ट्रेनों में अनधिकृत (अवैध) फेरीवालों और वेंडर्स की खैर नहीं होगी। रेलवे ने अवैध वेंडिंग पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए अपनी निगरानी प्रणाली को और अधिक सख्त कर दिया है।
नए नियमों के तहत, यात्रा टिकट परीक्षक (TTE) ट्रेन में किसी भी अवैध फेरीवाले को देखते ही इसकी तत्काल सूचना वाणिज्य कंट्रोल और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को देंगे, ताकि मौके पर ही सख्त कार्रवाई की जा सके।
बिना आई-कार्ड सामान बेचा तो होगी जेल
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि ट्रेनों में अब केवल रेलवे द्वारा अधिकृत वेंडर्स को ही खाद्य सामग्री और अन्य सामान बेचने की अनुमति होगी।
- QR कोड अनिवार्य: सभी अधिकृत विक्रेताओं के पास रेलवे द्वारा जारी QR कोड युक्त मानकीकृत पहचान पत्र (ID Card) होना अनिवार्य है।
- सख्त मनाही: बिना पहचान पत्र के यदि कोई भी व्यक्ति ट्रेन के कोचों में सामान बेचता पाया गया, तो उसे अवैध मानकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों पड़ी इस सख्ती की जरूरत?
रेल प्रशासन के अनुसार, कई बार अवैध फेरीवाले यात्रियों को निम्न गुणवत्ता (घटिया स्तर) की खाद्य सामग्री बेच देते हैं, जिससे यात्रियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ होता है। इसके अलावा, ये तत्व ट्रेनों में सुरक्षा और स्वच्छता के लिहाज से भी बड़ी चुनौती बनते हैं।
इस नई पहल के फायदे:
- ट्रेनों में अनावश्यक भीड़भाड़ और धक्का-मुक्की पर नियंत्रण लगेगा।
- यात्रियों की सुरक्षा और उनके सामान की हिफाजत बढ़ेगी।
- यात्रियों को केवल स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री ही मिलेगी।
रेल प्रशासन की यात्रियों से अपील: ‘रेल मदद’ का करें इस्तेमाल
रेलवे ने आम यात्रियों से भी इस व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग मांगा है। प्रशासन ने अपील की है कि यदि सफर के दौरान कोई भी व्यक्ति बिना वैध QR कोड वाले पहचान पत्र के सामान बेचता नजर आए, तो इसकी सूचना तुरंत ड्यूटी पर तैनात टीटीई, आरपीएफ या ‘रेल मदद’ हेल्पलाइन के माध्यम से दें। यात्रियों का यह छोटा सा सहयोग रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुखद बनाने में मददगार साबित होगा।

