कई इलाकों में उड़े टीन-टप्पर, कई पेड़ धराशायी; विद्युत पोल गिरने से 10 घंटे तक छाया रहा अंधेरा
भवानीमंडी।
क्षेत्र में सोमवार को मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई। दोपहर बाद अचानक आए तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया। पचपहाड तहसील से मिली जानकारी के अनुसार मात्र कुछ घंटों के भीतर ही एक इंच से अधिक (लगभग 27 मिमी) बारिश दर्ज की गई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण शहर सहित ग्रामीण इलाकों में भारी नुकसान की खबरें हैं।
मंगलवार को मौसम पूरी तरह साफ हो गया व तेज धूप और उमस से लोग परेशान रहे ।
विद्युत नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त, ब्लैकआउट की स्थिति
इस आंधी-तूफान का सबसे तगड़ा झटका विद्युत विभाग को लगा है। तेज हवाओं के वेग के कारण भवानीमंडी शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के खंभे (पोल) गिर गए। कई मुख्य लाइनों पर भारी पेड़ गिरने से तार टूट गए।
नतीजतन, भवानीमंडी कस्बा और दर्जनों गांव सोमवार दोपहर से लेकर देर रात तक (8 से 10 घंटे) अंधेरे में डूबे रहे। विद्युत आपूर्ति ठप होने से पेयजल सप्लाई भी प्रभावित हुई, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बिजली विभाग मुस्तैद:
डिस्कॉम के अधिकारियों के अनुसार, तूफान शांत होते ही तकनीकी टीमों को फील्ड में उतारा गया। युद्धस्तर पर टूटे तारों को जोड़ने और गिरे हुए पोलों को हटाने का काम शुरू किया गया, जिसके बाद देर रात तक कुछ इलाकों में बिजली बहाल की जा सकी।
उड़े आशियाने, गिरे पेड़; यातायात भी बाधित
तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई कच्चे मकानों और दुकानों के ऊपरी हिस्सों पर रखे टीन-टप्पर और चद्दरें हवा में उड़कर दूर जा गिरीं। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।

