भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल )श्री राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट द्वारा मंदिर की एक बहुमूल्य दुकान को बेचे जाने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार रात्रि 8:00 बजे जैन बोर्डिंग परिसर में ‘मंदिर बचाओ संघर्ष समिति’ के तत्वावधान में एक विशाल महाबैठक का आयोजन किया गया। बैठक में नगर के प्रबुद्ध नागरिकों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया और मंदिर की संपत्ति को बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया।
सनातन धर्म की रक्षा और दुकान की विवादित नीलामी व रजिस्ट्री को निरस्त कराने की मांग को लेकर आज, 27 मई 2026 (बुधवार) प्रातः 10:00 बजे राधेश्याम मंदिर बगीची से एक विशाल जन आक्रोश वाहन रैली निकाली जाएगी। यह रैली उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपेगी।
ट्रस्टी दामोदर कचोलिया का बड़ा खुलासा: “10 साल से नहीं गया मीटिंग में, बेचान का पुरजोर विरोध”
महाबैठक में उस समय एक नया मोड़ आ गया जब राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट के स्वयं के ट्रस्टी दामोदर कचोलिया ने ट्रस्ट के अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। कचोलिया ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा, “ट्रस्ट अध्यक्ष द्वारा दुकान बेचे जाने के संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं दी गई है। मुझे ट्रस्ट की मीटिंग में गए 10 साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है। इस बीच कोई मीटिंग हुई भी है या नहीं, यह मेरे संज्ञान में नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अध्यक्ष द्वारा जिस तरह गुपचुप तरीके से मंदिर की दुकान बेची गई है, वे उसका पूरी तरह से विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि इस पूरी गलत नीलामी व रजिस्ट्री को तत्काल रद्द किया जाए।
पूर्व व्यापार महासंघ अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह का तीखा हमला: “मिलीभगत वाले सभी ट्रस्टी सार्वजनिक रूप से मांगें माफी”
पूर्व व्यापार महासंघ अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह ने बैठक में बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि क्रेता के साथ-साथ बोली लगाने वाले उन चार व्यक्तियों के नाम भी सामने आने चाहिए जिन्होंने मंदिर की संपत्ति की बोली लगाई; कम से कम वे मंदिर की संपत्ति को तो छोड़ देते।
इसके साथ ही उन्होंने सीधे तौर पर ट्रस्ट को घेरते हुए मांग की कि इस पूरी मिलीभगत में शामिल सभी ट्रस्टी सार्वजनिक रूप से पूरे नगर से माफी मांगें। उन्होंने आगे कहा कि ट्रस्टी अपने स्वयं के खर्चे पर इस दुकान की रजिस्ट्री को पुनः मंदिर के नाम पर दर्ज करवाएं, अन्यथा समाज उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।
महाबैठक में उठी आवाज: “बदला जाए तानाशाह संविधान, हाईकोर्ट में दें चुनौती”
बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता ईश्वर चंद्र भटनागर ने कानूनी पहलुओं को सामने रखते हुए कहा कि राधेश्याम मंदिर सार्वजनिक ट्रस्ट का जो संविधान बना हुआ है, वह पूरी तरह त्रुटिपूर्ण है। इसमें केवल कच्चे-पक्के आढ़तियों को ही ट्रस्टी बनने का अधिकार है। उन्होंने मांग की कि इस ‘तानाशाह’ संविधान को बदलने और बेचान की गलत प्रक्रिया के खिलाफ राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका लगाई जाए।
वहीं, अधिवक्ता कैलाश जैन ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के माध्यम से रजिस्ट्री निरस्त कराने के लिए करीब 4 लाख 87 हजार रुपये की कोर्ट फीस जमा करनी होगी, केवल आंदोलन से यह संभव नहीं है।
गुंडागर्दी और फर्जीवाड़े के लगे आरोप
वरिष्ठ पत्रकार गिरिराज गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आज यह आंदोलन रुक गया, तो भविष्य में भी मंदिर की संपत्तियां इसी तरह बिकती रहेंगी। जिस तरह दुकान बेची गई है, उससे शहर में दुकानें खाली करवाने के नाम पर गुंडागर्दी का नया चलन शुरू हो जाएगा।
कालूलाल सालेचा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रस्ट के अध्यक्ष द्वारा फर्जी हस्ताक्षर कर संस्कृत पाठशाला को भी अपने कब्जे में ले लिया गया है।
विपक्ष का पक्ष जानने और आम रास्ता बनाने के सुझाव
बैठक में विचार-विभिन्नता भी देखने को मिली। राजेश नाहर (पूर्व अध्यक्ष, व्यापार महासंघ) और गिरीश सोमानी (अध्यक्ष, व्यापार महासंघ) ने सुझाव दिया कि कोई भी बड़ा प्रदर्शन करने से पहले कानूनन ट्रस्टियों का पक्ष भी जान लेना जरूरी है।
दूसरी ओर, पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने एक अनूठा प्रस्ताव रखते हुए कहा कि जिस दुकान की रजिस्ट्री कराई गई है, उसे हटाकर वहां से सीधा मंदिर तक जाने का आम रास्ता बना दिया जाए। इस कार्य के लिए वे तन-मन-धन से सहयोग करने को तैयार हैं।

बुधवार को हर हाल में निकलेगा जुलूस: जेके अरोड़ा
वरिष्ठ चिकित्सक जेके अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि पूरे नगर को अपनी आस्था की रक्षा के लिए एक साथ आना होगा। डॉ. अरोड़ा ने कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि बुधवार प्रातः 10:00 बजे हर हाल में जन आक्रोश जुलूस निकलेगा। पहले वाहन रैली के रूप में उपखंड कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंपा जाएगा, उसके बाद ही समिति के सदस्य ट्रस्टियों को बुलाकर उनका पक्ष सुनेंगे। यदि ट्रस्टी रजिस्ट्री कैंसिल करवाकर नगरवासियों से माफी मांग लेते हैं, तभी यह आंदोलन समाप्त होगा। इसके अलावा पूर्व नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद जैन पिंटू ने भी संबोधित किया
‘मंदिर बचाओ संघर्ष समिति’ ने समस्त भवानीमंडी वासियों, मातृशक्ति, व्यापारियों और युवाओं से इस रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की पुरजोर अपील की है।

