भवानीमंडी।
नगर के सुप्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ और समाजसेवी डॉ. एम. एल. आहूजा ने अपने पूजनीय पिता स्वर्गीय तुलसीराम आहूजा की पावन स्मृति में अन्न क्षेत्र सेवा संस्थान को 1.51 लाख रुपए (एक लाख इक्यावन हजार रुपए) की राशि का स्टील फर्नीचर भेंट किया है।
इस पुनीत कार्य का उद्देश्य संस्थान के नवनिर्मित भवन में आने वाले असहाय, निराश्रित और वंचित लोगों को सम्मान व पूरी सुविधा के साथ बैठकर भोजन उपलब्ध कराना है। डॉ. आहूजा की इस अनुपम सेवा भावना के लिए अन्न क्षेत्र के पदाधिकारियों ने उन्हें माला व शाल पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत व अभिनंदन किया।
52 वर्षों से अनवरत चल रही है सेवा की रसोई
संस्थान के अध्यक्ष गोविंद गुप्ता ने बताया कि अन्न क्षेत्र सेवा संस्थान पिछले 52 वर्षों से लगातार बिना किसी रुकावट के असहाय गरीबों और जरूरतमंदों को प्रतिदिन गर्म व ताजा भोजन उपलब्ध करा रहा है।
”समय के साथ निराश्रित लोगों की संख्या बढ़ने पर संस्थान ने जगह की कमी को महसूस किया। इसके बाद पास ही की जमीन खरीदकर नगर के उदार दानदाताओं और भामाशाहों के सहयोग से एक भव्य दो मंजिला भवन का निर्माण करवाया गया है, ताकि यहाँ आने वाले हर जरूरतमंद को गरिमापूर्ण माहौल में भोजन मिल सके।”
— गोविंद गुप्ता, अध्यक्ष (अन्न क्षेत्र सेवा संस्थान)
”निराश्रितों को सम्मान देना ही सच्चा दान”
इस अवसर पर डॉ. एम. एल. आहूजा ने कहा कि पुरुषोत्तम मास में दान का विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। अन्न क्षेत्र संस्थान समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के लिए जो श्रेष्ठ कार्य कर रहा है, वह अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा, “सक्षम लोगों को तो दुनिया में हर जगह सम्मान मिल जाता है, लेकिन जो निराश्रित हैं, उन्हें सम्मान और सुविधा के साथ भोजन मिले—इसी पवित्र लक्ष्य के साथ मैंने यह सहयोग किया है।”
नगर के भामाशाहों का मिल रहा है भरपूर सहयोग
संस्थान के संरक्षक कालूलाल सालेचा एवं नंदकिशोर सोनी ने डॉ. आहूजा और उनके परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नवीन भवन के निर्माण और इसे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने में नगर के भामाशाहों व दानदाताओं का बढ़-चढ़कर सहयोग मिल रहा है, जो भवानीमंडी की गौरवशाली सेवा परंपरा को दर्शाता है।
इस अवसर पर ये रहे उपस्थित:
कार्यक्रम के दौरान छगनलाल जैन, बल्लभदास गुप्ता, कैलाश गुप्ता (कंपाउंडर), कमलेश गुप्ता (दलाल), अमित गुप्ता, और अहिंसा गौशाला के अध्यक्ष प्रकाशचंद्र गुप्ता (बीमा) सहित संस्थान के कई गणमान्य सदस्य व पदाधिकारी उपस्थित थे।

