राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट की दुकान बेचने में धांधली का आरोप, एसडीएम की अनुपस्थिति में प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा ज्ञापन


2 दिवस में कार्रवाई न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

भवानीमंडी (झालावाड़)। भवानीमंडी नगर के ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र प्राचीनतम राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट की एक बहुमूल्य दुकान को नियमों को ताक पर रखकर गुपचुप तरीके से बेचने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस कथित भ्रष्टाचार और पक्षपातपूर्ण ऑक्शन प्रक्रिया के विरोध में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उपखण्ड अधिकारी (SDM) श्रद्धा गोमे की अनुपस्थिति में प्रशासनिक अधिकारी विनीत जैन को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि इस संदिग्ध विक्रय पत्र को तत्काल निरस्त कर दुकान को पुनः मंदिर ट्रस्ट के नाम दर्ज किया जाए।

नियमों की अनदेखी और मिलीभगत के आरोप

सौपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि मंदिर ट्रस्ट की संपत्तियां जनहित और धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई हैं, जिनकी पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। आरोप है कि इस बहुमूल्य दुकान को पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक रूप से निष्पक्ष नीलामी कराए बिना, मिलीभगत कर चुनिंदा चहेतों को लाभ पहुंचाने की नीयत से बाजार मूल्य से काफी कम दर पर बेच दिया गया। इससे मंदिर ट्रस्ट को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है, जिससे आमजन और श्रद्धालुओं में भारी रोष व्याप्त है।

ज्ञापन के दौरान यह रहे उपस्थित

ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर के कई गणमान्य नागरिक और प्रमुख लोग मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से:
पर्यावरण प्रेमी फूलचंद वर्मा, राजकुमार पोरवाल, अविनाश परमार, विनय आस्तोलिया, कालूलाल सालेचा, चैनसिंह सिसोदिया, गिरधर गोपाल शर्मा, गोपाल पाटीदार, सन्देश पोरवाल, ललित गुप्ता, अरुण तंवर, मुकुट जी व्यास, बृजमोहन सोनी, सुरेश जी मालवीय और बालचंद जी सेन सहित कई लोग उपस्थित थे।

प्रमुख मांगें:

उच्च स्तरीय जांच: दुकान की बिक्री और ऑक्शन प्रक्रिया की निष्पक्ष, उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
दस्तावेज सार्वजनिक हों: संपूर्ण रिकॉर्ड और विक्रय प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए।
विक्रय पत्र निरस्त हो: गुपचुप तरीके से किए गए विक्रय पत्र को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दुकान पुनः राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट के नाम दर्ज की जाए।
दोषियों पर कार्रवाई: इस पूरे मामले में शामिल दोषी व्यक्तियों और अधिकारियों के खिलाफ कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाए।

आंदोलन और धरने की चेतावनी

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो आम जनता और श्रद्धालु लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन करने को बाध्य होंगे। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि 2 दिवस के भीतर कोई उचित कार्रवाई शुरू नहीं होती है, तो अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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