कोटा रेल मंडल की बड़ी उपलब्धि: सौर ऊर्जा से सालाना ₹5 करोड़ की बचत, बिजली बिल ₹23 करोड़ से घटकर हुआ ₹20 करोड़

कोटा।

विश्व पर्यावरण दिवस-2026 के अवसर पर पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस वर्ष पर्यावरण दिवस की थीम “जलवायु परिवर्तन — धरती माँ की चुनौतियाँ” के तहत कोटा मंडल ने अपने विभिन्न रेल भवनों और परिसरों पर कुल 4.54 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए हैं। इन संयंत्रों से प्रतिवर्ष 64 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे रेलवे को हर साल करीब ₹5 करोड़ की भारी बचत हो रही है।

​लोड बढ़ा, फिर भी बिल में ₹3 करोड़ की गिरावट

​वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि यह विस्तार पर्यावरण संरक्षण के प्रति कोटा मंडल की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का नतीजा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2025-26 के बीच मंडल का कनेक्टेड विद्युत लोड 23,390 किलोवाट से बढ़कर 24,020 किलोवाट हो गया था। इसके बावजूद, सौर ऊर्जा के प्रभावी उपयोग के कारण रेलवे का कुल बिजली बिल ₹23 करोड़ से घटकर ₹20 करोड़ रह गया। यह ₹3 करोड़ की प्रत्यक्ष कमी स्वच्छ ऊर्जा के व्यावहारिक लाभ को साफ तौर पर दर्शाती है।

​’नेट जीरो कार्बन एमिशन’ की ओर बढ़ते कदम

​भारतीय रेलवे ने देश में “नेट जीरो कार्बन एमिशन” (शून्य कार्बन उत्सर्जन) का राष्ट्रीय लक्ष्य रखा है। कोटा मंडल इस संकल्प को पूरा करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। सौर ऊर्जा के इस बढ़ते उपयोग से न केवल परंपरागत पावर ग्रिड पर निर्भरता कम हुई है और आर्थिक लाभ मिला है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भारी कटौती करके पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी बड़ी मदद मिल रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!