भवानीमंडी, 23 मई 2026 देश में लगातार बढ़ रहे रिकॉर्डतोड़ तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए ‘पर्यावरण प्रेमी पृथ्वी बचाओ’ संस्था के संस्थापक फूलचंद वर्मा ने आम जनता को एक गंभीर चेतावनी जारी की है। दैनिक भास्कर में छपी खबर—“उबला देश, सुबह 10:50 बजे दुनिया के 50 सबसे गर्म शहर भारत के ही”—का हवाला देते हुए उन्होंने देशवासियों से केवल रस्म अदायगी के लिए पौधे लगाने की आदत को छोड़ने और पर्यावरण के प्रति गंभीर होने की भावुक अपील की है।
केवल फोटो खिंचवाने से नहीं बचेगा पर्यावरण
फूलचंद वर्मा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “आज करोड़ों पाठक अखबारों में भीषण गर्मी और लू की खबरें पढ़ रहे हैं, लेकिन क्या हम सच में सोच रहे हैं कि हमारे देश की स्थिति क्या होती जा रही है? हम हर साल वर्षा ऋतु में बड़े चाव से पौधे लगाते हैं, उनके साथ फोटो खिंचवाते हैं और फिर उन्हें उनके हाल पर छोड़कर भूल जाते हैं। अगर यही लापरवाही चलती रही, तो पूरे देश को रेगिस्तान बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।”
’आज समय पौधा लगाने का नहीं, पेड़ों के कटान को रोकने का है’
य पर्यावरण प्रेमी ने एक कड़ा संदेश दिया कि अब हमारे पास हाथ पर हाथ धरे बैठने का समय नहीं बचा है। उन्होंने कहा, “मेरे देश के नौजवानों! आज का समय सिर्फ नया पौधा लगाने का नहीं है, बल्कि जिस अंधाधुंध गति से हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है, उसे तुरंत रोकने का है। हमारे पास इतना समय नहीं है कि हम आज पौधा लगाएं और 10 साल बाद उसकी छांव का इंतजार करें, क्योंकि पर्यावरण संकट रूपी ‘काल’ आज हमारे दरवाजे पर खड़ा है।”
’नीम, पीपल और बरगद’ लगाएं, 3 साल तक करें देखभाल
वर्मा ने देशवासियों को जागने का आह्वान करते हुए अपील की कि यदि वास्तव में पर्यावरण से प्रेम है, तो अपने परिवार, स्वयं के नाम या अपनों की स्मृति में नीम, पीपल और बरगद जैसे दीर्घायु और अधिक ऑक्सीजन देने वाले पेड़ लगाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि:
- पौधे को केवल मिट्टी में न रोपें, बल्कि उसकी पूरी सुरक्षा (ट्री-गार्ड आदि) का इंतजाम करें।
- रोपण के बाद कम से कम 3 वर्षों तक उसकी निरंतर देखभाल और सिंचाई करें।
- जब पौधा आत्मनिर्भर हो जाए, तभी आपका पौधारोपण अभियान वास्तव में सफल माना जाएगा।
उन्होंने अपने संदेश का समापन “जय हिंद, जय भारत, जय पर्यावरण, जय गौ माता” के नारे के साथ करते हुए हर नागरिक से इस महाअभियान का हिस्सा बनने का आग्रह किया।

