मध्यप्रदेश के कोटड़ा बुजुर्ग व कोटड़ा खुर्द गांव में फैली दहशत, भवानीमंडी के निजी अस्पतालों में चला उपचार
भवानीमंडी। नगर से सटे मध्यप्रदेश के गांव कोटड़ा बुजुर्ग एवं कोटड़ा खुर्द में मंगलवार दोपहर मटका आइसक्रीम खाने के बाद 15 बच्चों और एक महिला की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत होने पर उपचार के लिए भवानीमंडी के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से दो बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।
परिजनों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे गांवों में मटका आइसक्रीम बेचने वाला पहुंचा था। आइसक्रीम खाने के लगभग आधे घंटे बाद बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पहले सभी को बोलिया चिकित्सालय ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए भवानीमंडी रेफर कर दिया गया।
कोटड़ा बुजुर्ग गांव के करीब आठ बच्चों को भवानीमंडी के मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां निहारिका पुत्री दशरथ नाथ (11), दिव्यांशु पुत्र दशरथ (7) एवं हंसपाल पुत्र भेरूलाल का उपचार जनरल वार्ड में किया गया, जबकि शिवम पुत्र ओम (7) एवं इरशाद पुत्र रईस (10) की हालत गंभीर होने पर आईसीयू में भर्ती किया गया। चिकित्सकों के अनुसार शिवम की स्थिति सेमी कोंसियस बताई गई। प्राथमिक उपचार के बाद तीन बच्चों को छुट्टी दे दी गई।
वहीं देर रात करीब 11 बजे कोटड़ा खुर्द गांव से छह बच्चों एवं एक महिला को भवानीमंडी के नवजीवन हॉस्पिटल लाया गया। यहां युवराज, राजेन्द्र, सुरेन्द्र सिंह, राजवीर सिंह, रीतिका, अर्पिता तथा महिला लाभूबाई का उपचार बुधवार सुबह तक जारी रहा। इनमें से तीन बच्चों को इमरजेंसी वार्ड में तथा अन्य को जनरल वार्ड में भर्ती किया गया। सभी बच्चों की उम्र 5 से 7 वर्ष के बीच बताई गई है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया। भानपुरा नायब तहसीलदार सुनील अग्रवाल, गरोठ नायब तहसीलदार रघुनाथ मचार एवं भैसोदा मंडी चौकी प्रभारी धर्मेंद्र यादव भवानीमंडी पहुंचे और दोनों अस्पतालों में भर्ती बच्चों की स्थिति की जानकारी ली।

बताया जा रहा है कि कोटड़ा खुर्द विधायक चंदरसिंह सिसोदिया का गृहग्राम है। दोनों गांवों में एक ही विक्रेता द्वारा “राधिका मटका कुल्फी” बेची गई थी। मामले की सूचना के बाद गरोठ बीएमओ डॉ. दरबार सिंह भी देर रात भवानीमंडी पहुंचे और चिकित्सकों से उपचार संबंधी जानकारी ली।

गरोठ बीएमओ डॉ. दरबार सिंह ने बताया कि सभी बच्चे फिलहाल खतरे से बाहर हैं तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम को फॉलोअप के लिए भवानीमंडी भेजा जा रहा है।

