भवानीमंडी और पचपहाड़ में आवारा कुत्तों का आतंक: नगर पालिका चलाएगी विशेष धरपकड़ अभियान

प्रतिदिन सामने आ रहे 2 से 3 मामले; अधिशासी अधिकारी बोले- प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर टीम की गई तैयार

भवानीमंडी | ( जगदीश पोरवाल ) शहर और पचपहाड़ क्षेत्र में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक चरम पर है। कुत्तों के झुंड द्वारा छोटे बच्चों और राहगीरों पर अचानक हमला करने की घटनाओं से स्थानीय निवासियों में भारी दहशत व्याप्त है। आलम यह है कि अस्पताल में प्रतिदिन कुत्ते के काटने के औसतन दो से तीन नए मामले पहुंच रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया है और कुत्तों को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की है।

​बच्चों और राहगीरों पर बढ़ रहे हमले

​पचपहाड़ निवासी एवं पूर्व पार्षद अजहर अंसारी ने बताया कि मोहल्लों में कुत्तों के झुंड दिनभर जमा रहते हैं। ये झुंड न केवल राहगीरों को डराते हैं, बल्कि मौका मिलते ही मासूम बच्चों पर भी हमला कर देते हैं। हाल ही में इफरा पिता अजहर हुसैन और अजमल पिता कालू भी इन कुत्तों का शिकार बन चुके हैं। अंसारी के अनुसार, नगर पालिका को इस समस्या से पहले ही अवगत कराया जा चुका है। यही स्थिति भवानीमंडी शहर के विभिन्न वार्डों की भी बनी हुई है।

​नगर पालिका की तैयारी: सुरक्षित तरीके से पकड़े जाएंगे कुत्ते

​नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) मनीष मीणा ने बताया कि पचपहाड़ क्षेत्र से प्राप्त शिकायतों के आधार पर एक विशेष टीम गठित कर दी गई है।

  • अभियान की शुरुआत: अगले एक-दो दिनों में चिन्हित क्षेत्रों में अभियान शुरू होगा।
  • सुरक्षा का ध्यान: कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष ‘कैंची’ तैयार की गई है।
  • पशु क्रूरता पर रोक: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान इस बात का पूरा ख्याल रखा जाएगा कि कुत्तों को किसी भी प्रकार की चोट या शारीरिक नुकसान न पहुंचे।

​स्वास्थ्य केंद्र में लग रहे रोजाना 3 एंटी-रैबीज इंजेक्शन

​भवानीमंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के चिकित्सा प्रभारी डॉ. रोहिताश कुमार ने चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन औसतन तीन एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।

चिकित्सकों की सलाह:

“कुत्तों के बढ़ते हमलों को देखते हुए अभिभावक अपने छोटे बच्चों को घर से बाहर अकेले न भेजें। यदि कुत्ता काट ले, तो तुरंत अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं और लापरवाही न बरतें।” — डॉ. रोहिताश कुमार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!