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तीन बार टेंडर प्रक्रिया विफल रहने के बाद चौथी बार मिली सफलता, वित्त विभाग को भेजी गई फाइल
भवानीमंडी | (जगदीश पोरवाल) भवानीमंडी, सुनेल और आसपास के 14 गांवों के निवासियों के लिए पीपलाद डैम के दूषित पानी से छुटकारा पाने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। राजगढ़ बांध से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की बहुप्रतीक्षित पाइपलाइन योजना अब धरातल पर उतरने को तैयार है। इस योजना के लिए 2 वर्ष पूर्व बजट में 30 करोड़ 50 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई थी, जो अब निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद खर्च की जा सकेगी।
बजट के बावजूद अटकी रही योजना
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र की पेयजल समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने दो साल पहले ही 30.50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर दिया था। लेकिन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती ठेकेदार का चयन करना रही। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) कोटा द्वारा तीन बार निविदाएं निकाली गईं, लेकिन किसी भी ठेकेदार के आगे न आने से राजगढ़ से भवानीमंडी तक पानी लाने का मामला अधर में लटका रहा।
चौथी कोशिश में आए 5 वेंडर, जयपुर से मिलेगी हरी झंडी
जल अभियांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता राजेश मीणा ने बताया कि हाल ही में चौथी बार निकाली गई निविदा में विभाग को पांच टेंडर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया:
”निविदा प्राप्त होने के बाद अतिरिक्त मुख्य अभियंता (कोटा) द्वारा पांचों टेंडरों को जयपुर मुख्यालय भेज दिया गया है। वहां न्यूनतम दर (L1) वाले वेंडर का चयन किया जाएगा। वर्तमान में यह मामला जयपुर वित्त विभाग में विचाराधीन है।”
वर्ष के अंत तक शुद्ध पानी मिलने की उम्मीद
विभागीय सूत्रों के अनुसार, वित्त विभाग से तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति शीघ्र मिलने की संभावना है। स्वीकृति मिलते ही कार्यादेश जारी कर पाइपलाइन बिछाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि इस वर्ष के अंत तक या 2027 की शुरुआत में उपभोक्ताओं को राजगढ़ बांध का मीठा और शुद्ध पानी उपलब्ध करा दिया जाए।
योजना एक नजर में:
- कुल बजट: 30 करोड़ 50 लाख रुपये।
- लाभान्वित क्षेत्र: भवानीमंडी शहर, सुनेल कस्बा सहित 14 अन्य गांव।
- वर्तमान बाधा: वित्त विभाग से अंतिम चयन की प्रतीक्षा।
- राहत: पीपलाद डैम के दूषित पेयजल से मिलेगी मुक्ति।

नोट-चित्र एआई द्वारा निर्मित काल्पनिक है
