झालावाड़, 7 मई। जिले में फायर सेफ्टी वीक के तहत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पतालों में सघन निरीक्षण और मॉक ड्रिल गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान अस्पताल स्टाफ को आगजनी जैसी आपात स्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के निर्देशन में डिप्टी सीएमएचओ (परिवार कल्याण) एवं फायर सेफ्टी नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद नागर तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक (पीसीपीएनडीटी) प्रभु ऐरवाल ने श्री नारायण मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल और एल.एन. मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में फायर अलार्म सिस्टम, अग्निशमन उपकरण, इमरजेंसी एग्जिट, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन तैयारियों की जांच की गई। टीम ने अस्पताल प्रबंधन को राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने तथा कमियों में शीघ्र सुधार के निर्देश दिए।
डॉ. अरविंद नागर ने कहा कि गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए अस्पतालों में फायर सेफ्टी व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अस्पताल कर्मियों को फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग, आपातकालीन निकासी प्रक्रिया और मरीजों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की जानकारी दी।
इस दौरान अस्पताल स्टाफ को नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने, फायर सेफ्टी उपकरणों के रखरखाव तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने के निर्देश भी दिए गए।
सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने बताया कि जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी मानकों की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

