डग क्षेत्र में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण से संवरेगा पर्यटन का भविष्य
जिला कलेक्टर का मैराथन दौरा; भवानीमंडी (स्टेडियम): खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए प्रस्तावित स्टेडियम भूमि का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
झालावाड़ | (जगदीश पोरवाल ) 05 मई
जिले की ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान दिलाने और उन्हें पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से उभारने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने मंगलवार को “विरासत संरक्षण अभियान” के अंतर्गत गंगधार, डग, मिश्रोली और भवानीमंडी क्षेत्रों का सघन दौरा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपेक्षित पड़ी धरोहरों को पुनर्जीवित करना प्रशासन की प्राथमिकता है ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को बढ़ावा मिल सके।
प्रमुख स्थलों के लिए जारी निर्देश:
- गंगधार (रानी का महल व छतरियां): रानी का महल, किला और दल सागर की छतरियों के जीर्णोद्धार के निर्देश दिए गए। यहाँ क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत, सफाई और सुरक्षा रेलिंग का कार्य प्राथमिकता पर होगा।
- डग (रानी का मकबरा): कलेक्टर ने सख्त लहजे में मकबरे के आसपास से अतिक्रमण हटाने और चारदीवारी निर्माण कर इसे सुरक्षित करने के निर्देश दिए।
- कोलवी की गुफाएं: प्रसिद्ध बौद्ध गुफाओं पर पर्यटकों की सुविधा हेतु गार्ड रूम और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
- मिश्रोली (बैसाल्ट चट्टानें): दुर्लभ बैसाल्ट चट्टानों को पर्यटन स्थल बनाने के लिए संग्रहालय निर्माण की संभावना तलाशी जाएगी। यहाँ सेल्फी पॉइंट और एंट्री गेट भी बनाए जाएंगे।
- भवानीमंडी (स्टेडियम): खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए प्रस्तावित स्टेडियम भूमि का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिले की पुरातात्विक संपदा हमारी पहचान है। इनका संरक्षण न केवल संस्कृति को बचाएगा, बल्कि पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों के लिए आय के नए स्रोत भी खोलेगा।”
— अजय सिंह राठौड़, जिला कलेक्टर
समयसीमा में कार्य पूर्ण करने की हिदायत
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान साथ चल रहे अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्य निर्धारित गुणवत्ता और समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। इस दौरान जिला परिषद सीईओ शंभु दयाल मीणा, भवानीमंडी एसडीएम श्रद्धा गोमे, एसडीएम छत्रपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद

