भवानीमंडी | पचपहाड़
पचपहाड़ क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से ठप जलापूर्ति और नलों से आ रहे दूषित पानी ने वार्ड वासियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। रविवार को भीषण गर्मी के बीच क्षेत्रवासियों का गुस्सा प्रशासन पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में वार्ड वासियों ने तहसील कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। वार्ड वासियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आगामी समय में वोट का बहिष्कार और चक्का जाम किया जाएगा।
भीषण गर्मी में बूंद-बूंद को तरसे वार्ड वासी
प्रदर्शन कर रहे वार्ड वासियों ने आरोप लगाया कि पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में एक बूंद पानी की सप्लाई नहीं हुई है। स्थिति इतनी विकट है कि भीषण गर्मी के बीच महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
”जब कभी सप्लाई आती भी है, तो नलों से गंदा और कीड़ों युक्त पानी निकलता है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे क्षेत्र में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।”
— आक्रोशित वार्ड वासी
तहसीलदार ने की वार्ता, विभाग ने गिनाईं मजबूरियां
हंगामे की सूचना मिलते ही तहसीलदार अब्दुल हफीज मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें शांत किया। उन्होंने जलदाय विभाग के अधिकारियों को समस्या के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए तथा जल्द व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया।
दूसरी ओर, जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश मीणा ने बताया कि विभाग की व्यवस्था में कोई बड़ी कमी नहीं है, बल्कि पिछले तीन दिनों से परिस्थितियां प्रतिकूल रहीं:
- विद्युत कटौती: आंधी-तूफान और बिजली विभाग द्वारा टावर लगाने के कार्य के कारण पंप संचालन नहीं हो सका।
- तकनीकी बाधा: मुख्य पानी की टंकी का वाल खराब होने से सप्लाई प्रभावित हुई।
- पीपलाद डेम: बिजली बंद रहने से पीपलाद डेम से होने वाली पंपिंग बाधित हुई और टंकियां नहीं भर पाईं।
सुचारू सप्लाई की मांग
वार्ड वासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जलापूर्ति व्यवस्था को तत्काल सुचारू किया जाए और दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि जनता को इस नारकीय स्थिति से राहत मिल सके ।


