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जावरा (बंशीलाल पोरवाल )
जावरा नगर इन दिनों बेतरतीब होर्डिंग्स की भरमार से जूझ रहा है। शहर के प्रमुख चौराहों, व्यस्त मार्गों और बाजार क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लगाए गए होर्डिंग्स ने न केवल शहर की सुंदरता को बिगाड़ दिया है, बल्कि यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इन होर्डिंग्स के कारण वाहन चालकों को सामने का दृश्य स्पष्ट नहीं दिखाई देता, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। हाल ही में घंटाघर चौराहे पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जिसे लोग होर्डिंग्स के कारण बाधित दृश्यता से जोड़कर देख रहे हैं। चौपाटी क्षेत्र में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है, जहां अत्यधिक संख्या में लगे होर्डिंग्स लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि इन होर्डिंग्स के पीछे अवैध वसूली की आशंका भी जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि नगर पालिका की आड़ में कुछ लोग नियमों को दरकिनार कर होर्डिंग्स लगाने का काम कर रहे हैं। यदि यह सच है, साबित होता हे तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है।नगर पालिका द्वारा व्यावसायिक होर्डिंग्स के लिए प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि धार्मिक और शैक्षणिक संस्थानों को कुछ छूट दी जाती है। इसके बावजूद शहर में बड़ी संख्या में बिना अनुमति के होर्डिंग्स लगाए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।इस संबंध में जब जावरा नगर पालिका के सीएमओ से चर्चा की गई, तो उन्होंने बताया कि अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ जल्द ही विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।अब देखना यह होगा कि यह अभियान कितना कारगर साबित होता है और क्या जावरा नगर को इस अव्यवस्था से निजात मिल पाती है। फिलहाल नगरवासियों को प्रशासन से सख्त कदम उठाने की उम्मीद है, ताकि शहर को सुरक्षित, सुंदर और व्यवस्थित बनाया जा सके।
