झालावाड़, 27 अप्रैल। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि जनगणना 2027 एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं वैधानिक कार्य है, जिसके तहत देश की जनसंख्या, आवास, जीवन स्तर और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़े सटीक आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास नीतियों को प्रभावी रूप से तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कलेक्टर ने जानकारी दी कि जनगणना प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। प्रथम चरण 16 मई से 14 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें मकानों का सूचीकरण एवं उनसे संबंधित सुविधाओं का विवरण एकत्रित किया जाएगा। इससे पहले नागरिकों को 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा दी जाएगी, जिसके तहत वे se.census.gov.in� पोर्टल पर स्वयं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद प्राप्त होने वाली SE ID को प्रगणक को दिखाने पर समय की बचत होगी। वहीं द्वितीय चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा, जिसमें जनसंख्या से संबंधित विस्तृत आंकड़े जुटाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि जिले में जनगणना के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं, जिनमें 20 चार्ज (12 ग्रामीण एवं 8 शहरी), 1619 ग्राम, 240 वार्ड, 2915 एचएलबी, 2635 प्रगणक, 455 पर्यवेक्षक और 56 फील्ड प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है। जनगणना के दौरान प्रगणक घर-घर जाकर मकान, उपलब्ध सुविधाएं, परिवार के सदस्यों का विवरण, घरेलू संसाधन जैसे टीवी, फ्रिज, मोबाइल, वाहन तथा खान-पान और जीवन स्तर से जुड़ी जानकारी एकत्रित करेंगे।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्रित सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं विकास योजनाओं के निर्माण में किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी अन्य विभागों जैसे टैक्स या पुलिस के साथ साझा नहीं की जाएगी। यह गोपनीयता जनगणना अधिनियम 1948 एवं सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सुनिश्चित की गई है।
अंत में कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जिलेवासियों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहयोग करें और प्रगणकों को सही एवं सटीक जानकारी प्रदान करें, ताकि जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके।

