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झालावाड़ ( जगदीश पोरवाल ) 20 अप्रैल 2026
भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से बचाव के लिए चलाए जा रहे ‘हीट सेफ झालावाड़’ अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झुमकी में जनसेवा और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पेश की गई है। पीएचसी परिसर को मरीजों के साथ-साथ पक्षियों और मूक पशुओं के लिए भी ‘राहत का ओएसिस’ बनाया गया है।
क्या-क्या व्यवस्थाएं की गईं:
- पक्षियों के लिए: परिसर के पेड़ों पर पानी के लिए परिंदे बांधे गए और दाना-पानी की नियमित व्यवस्था की गई। • मरीजों-परिजनों के लिए: गर्मी से राहत देने हेतु ठंडे पानी की मटकियां रखी गईं। • हरियाली के लिए: पेड़-पौधों को सूखने से बचाने को नए पाइप लगाकर नियमित सिंचाई सुनिश्चित की गई। • स्वास्थ्य सेवाएं: ओआरएस एटीएम, हीट रेस्क्यू स्प्रे, हीट स्ट्रोक फर्स्ट एड किट, कूल कॉर्नर की स्थापना और लू-तापघात व फायर सेफ्टी का प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभम गिरिराज पाटीदार ने बताया कि यह पूरा कार्य मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य न केवल आमजन को लू से बचाना है, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी जीवन रक्षक व्यवस्थाएं करना है।
टीम का सहयोग:
इस पहल को सफल बनाने में नर्सिंग ऑफिसर दीपक जोशी व श्वेता सेन, लैब स्टाफ लक्षिता शर्मा, हेल्पर स्टाफ पवन सेन व अरुण पाटीदार तथा पीएचएस श्रुति खरे का विशेष योगदान रहा।
अभियान का संदेश:
डॉ. पाटीदार ने बताया कि ‘हीट सेफ झालावाड़’ के तहत जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को लू से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। पीएचसी झुमकी का यह मॉडल अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है, जहां मानव सेवा के साथ जीव-जंतु कल्याण को भी प्राथमिकता दी गई है।
