भवानीमंडी (झालावाड़)। ( जगदीश पोरवाल ) राजस्थान की भवानीमंडी पुलिस ने चोरी की एक बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी घर में कूलर ठीक करने के बहाने घुसते थे और मौका पाकर कीमती जेवरात पार कर देते थे। पुलिस ने इस मामले में चोरी के जेवर खरीदने वाले सुनार को भी गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 2 मार्च 2026 की है, जब ग्राम कालियाखेड़ी निवासी 65 वर्षीय उर्मिला बाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके गांव का ही खुश जाट कूलर ठीक करने के बहाने उनके घर आया था। उसने जानबूझकर वृद्धा को औजार (प्लायर) लाने के बहाने पड़ोस में भेज दिया और इसी बीच कमरे में रखे थैले से सोने-चांदी के जेवरात से भरा बटुआ चोरी कर लिया। वृद्धा की शिकायत पर पुलिस ने धारा 305 (A) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशानुसार, थानाधिकारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी खुश जाट को दबोच लिया। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि वह अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए ऐसी वारदातों को अंजाम देता था।
गिरफ्तार किए गए आरोपी:
- खुश जाट (22 वर्ष) पिता गोपाल जाट निवासी कालियाखेड़ी, भवानीमंडी।
- मनोज सोनी (38 वर्ष) पिता घनपाल सोनी निवासी भानपुरा (मप्र), हाल भवानीमंडी (चोरी का माल खरीदने वाला सुनार)।
6 लाख के जेवर बरामद
पुलिस ने सुनार मनोज सोनी के कब्जे से करीब 06 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। आरोपी सुनार ने पहचान छुपाने के लिए सोने के आभूषणों को गला दिया था। पुलिस ने 28 ग्राम गला हुआ सोना और 150 ग्राम वजन की चांदी की पायजेब जब्त की है।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश: मुख्य आरोपी खुश जाट इतना शातिर था कि चोरी की वारदात के बाद उसने खुद को बेगुनाह दिखाने के लिए उच्चाधिकारियों को झूठे और निराधार परिवाद भेजकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास भी किया था।
पुलिस की अपील
थानाधिकारी प्रमोद कुमार ने क्षेत्र के सोना-चांदी व्यापारियों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति से बिना पक्के बिल के आभूषण न खरीदें। ऐसा करना न केवल अवैध है बल्कि यह अपराधियों को बढ़ावा देता है।
पुलिस टीम की भूमिका:
इस सफल कार्रवाई में थानाधिकारी प्रमोद कुमार, निजामुद्दीन, तेजेन्द्र सिंह, नरेंद्र कुमार और महेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

