भवानीमंडी (झालावाड़)। ( जगदीश पोरवाल ) सरकारी सेवा में आने के लिए नैतिकता का दामन छोड़ना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। भवानीमंडी ब्लॉक के बनी गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत व्याख्याता दीपक कुमार शर्मा को दहेज प्रताड़ना के आरोपों और गलत जानकारी देने के मामले में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, व्याख्याता दीपक कुमार शर्मा ने 2 मार्च 2024 को विद्यालय में अपनी प्रथम नियुक्ति ग्रहण की थी। जॉइनिंग के समय उन्होंने एक शपथ पत्र प्रस्तुत किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनकी शादी 3 मई 2023 को वंदना शर्मा के साथ बिना किसी दहेज के संपन्न हुई है।
हालांकि, उनकी पत्नी वंदना शर्मा द्वारा सवाई माधोपुर के कुंडेरा थाने में 10 जुलाई 2025 को दहेज प्रताड़ना के खिलाफ प्राथमिकी (FIR संख्या 0150) दर्ज कराई गई थी। यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
विभागीय जांच में खुली पोल
शिक्षा विभाग को इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद भवानीमंडी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कल्याणमल मेघवाल के निर्देशन में करीब 6 माह तक लंबी जांच चली। जांच के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
- प्रथम दृष्टया दोषी: विभागीय जांच में पाया गया कि व्याख्याता ने विवाह में लाखों रुपये का दहेज स्वीकार किया था, जो उनके द्वारा दिए गए शपथ पत्र के बिल्कुल उलट था।
- पारिवारिक स्थिति: जांच में यह भी सामने आया कि दीपक शर्मा का सवा साल का एक बच्चा भी है, जो वर्तमान में अपनी माँ (वंदना शर्मा) के साथ रह रहा है।
कठोर कार्रवाई: सस्पेंशन और मुख्यालय परिवर्तन
जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) सीताराम जाट ने कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश जारी किए। राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 13 (1) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए व्याख्याता को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन काल के निर्देश:
- दीपक कुमार शर्मा का निलंबन काल के दौरान मुख्यालय संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा, चूरू रहेगा।
- नियमानुसार उन्हें केवल निर्वाह भत्ता देय होगा।
भवानीमंडी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कल्याणमल मेघवाल ने बताया कि सस्पेंशन के आदेश मिलते ही 10 अप्रैल को शिक्षक को कार्यमुक्त (Relieve) कर दिया गया है। विभाग की इस कार्रवाई से अन्य कर्मचारियों के बीच यह कड़ा संदेश गया है कि अनैतिक गतिविधियों और गलत सूचनाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

