भवानीमंडी ( जगदीश पोरवाल ): क्रिकेट के दीवानों के लिए एक ‘बुरी खबर’ है। अगर आप सोच रहे थे कि गर्मी की तपिश ही आपको परेशान करेगी, तो जरा अपनी जेब थाम लीजिए। जयपुर में आईपीएल (IPL) के टिकटों की कीमतों ने वह ‘रन रेट’ पकड़ ली है जिसे हासिल करना किसी भी बल्लेबाज के बस की बात नहीं दिख रही।
पैसा वसूल नहीं, जेब ‘क्लीन बोल्ड’
कार्टूनिस्ट अशोक के हालिया व्यंग्य ने इस कड़वी सच्चाई पर से पर्दा उठाया है। जहाँ मैदान पर खिलाड़ी विकेट चटका रहे हैं, वहीं टिकट काउंटर पर आम आदमी की बचत ‘क्लीन बोल्ड’ हो रही है। आंकड़ों की बाजीगरी देखें तो जयपुर में पिछले साल (2025) के मुकाबले 2026 में टिकटों के दाम में जबरदस्त ‘छक्का’ लगा है ।
| न्यूनतम टिकट | 1500 रुपये | 1800 रुपये |
| अधिकतम टिकट | 30,000 रुपये | 40,000 रुपये |
IPL का नया नाम: ‘इनकम प्रीमियम लीग’?
सोशल मीडिया और गलियारों में चर्चा है कि आईपीएल का फुल फॉर्म अब ‘इंडियन प्रीमियर लीग’ से बदलकर ‘इनकम प्रीमियम लीग’ या ‘इंडियन पैसा लीग’ हो जाना चाहिए। कौवे भी मुंडेर पर बैठकर यही गा रहे हैं कि अब क्रिकेट देखना मनोरंजन नहीं, बल्कि एक ‘लग्जरी इन्वेस्टमेंट’ बन गया है।
“मैच देखने की खुशी से ज्यादा पसीना तो अब टिकट की दरें देखकर आ रहा है। जयपुर के फैंस का कहना है कि इतने में तो हम घर पर नया टीवी लगवाकर पूरे सीजन का आनंद ले सकते थे!”
आम आदमी की चिंता
कार्टून में दिख रहा वह पसीने से तर-बतर आम आदमी केवल एक चित्र नहीं, बल्कि उन हजारों मध्यमवर्गीय प्रशंसकों का चेहरा है, जिनके लिए स्टेडियम की कुर्सी अब ‘हॉट सीट’ बन गई है। महंगाई की इस पिच पर आम आदमी डिफेंसिव शॉट खेल रहा है, जबकि टिकट की दरें लगातार ‘बाउंसर’ मार रही हैं।
अब देखना यह है कि क्या दर्शक इस ‘महंगी गुगली’ के बावजूद स्टेडियम का रुख करते हैं, या फिर रिमोट कंट्रोल ही उनका एकमात्र सहारा बचेगा।

