भवानीमंडी (जगदीश पोरवाल)। शिक्षा विभाग की टीम ने ब्लॉक के विभिन्न सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्थाओं और समयबद्धता का जायजा लिया। इस दौरान जहाँ कुछ स्कूलों में शिक्षकों का समर्पण और दानशीलता अनुकरणीय मिली, वहीं समय पर उपस्थित न होने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए गए।
राजगढ़ विद्यालय में दान की सरिता: शिक्षकों ने जुटाए 86 हजार रुपये
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) कल्याणमल मेघवाल और संदर्भ व्यक्ति दिनेश बाथरा ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय राजगढ़ का निरीक्षण किया। यहाँ की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद मिलीं:
- अनुशासन: सभी अध्यापक निर्धारित गणवेश में उपस्थित मिले।
- शैक्षिक स्तर: छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक स्तर काफी उन्नत पाया गया।
- भामाशाह शिक्षक: विद्यालय के शिक्षकों ने ‘ज्ञान संकल्प पोर्टल’ पर कुल 86,100 रुपये का दान दिया। इसमें रविंद्र कुमार पाटीदार, रामकरण खिचड़, ज्ञानचंद पाटीदार और सियाराम कुमावत ने 21-21 हजार रुपये तथा हेमलता मीणा ने 2,100 रुपये का योगदान दिया।
- कुल सहयोग: विद्यालय को अब तक पोर्टल के माध्यम से 2,11,000 रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को 9,600 रुपये की नोटबुक भी वितरित की, जिसकी अधिकारियों ने सराहना की।
देरी से आने वाले कार्मिकों पर गिरी गाज
निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में अनुशासन की कमी भी उजागर हुई, जिस पर विभाग ने तुरंत कार्रवाई की:
- राउमावि भीलवाडी: सुबह 7:35 बजे तक 18 में से 6 कार्मिक अनुपस्थित मिले। 7:40 बजे तक उपस्थित न होने वाले शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
- राउमावि आरोलिया: अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दामोदर प्रसाद ने 7:25 बजे निरीक्षण किया, जहाँ 4 कार्मिक समय पर उपस्थित नहीं मिले। उन्हें भी नोटिस थमाया गया।
- झालावाड़ रोड स्कूल व करनपुरा: आरपी दिनेश कुमार बाथरा ने सुबह 7:20 बजे झालावाड़ रोड विद्यालय का दौरा किया, जहाँ 7 में से केवल 3 कार्मिक मिले। प्रधानाचार्य सहित 4 कार्मिक 7:45 तक अनुपस्थित थे। वहीं, 7:50 बजे करनपुरा प्राथमिक विद्यालय बंद पाया गया।

सकारात्मक पहल और निर्देश
निरीक्षण के दौरान राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पिपलिया में सभी कार्मिक समय पर मिले और वहां छात्र योग क्रियाएं करते पाए गए। वहीं, राउवि रुनजी में उपस्थित 7 कार्मिकों को ‘प्रवेशोत्सव’ और नियमित कक्षाएं बेहतर ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों का संदेश: शिक्षा की गुणवत्ता और समय की पाबंदी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दानदाता शिक्षकों का कार्य प्रेरणादायी है, वहीं लापरवाही बरतने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

