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भवानीमंडी | (जगदीश पोरवाल )
साइबर अपराध के विरुद्ध अभियान चलाते हुए भवानीमंडी पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों को रविवार को शहर की सड़कों पर पैदल ले जाकर घटनास्थल का सत्यापन (मौका तस्दीक) करवाया। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा मुख्य आरोपी की पहचान को लेकर हुआ है, जो शहर के एक प्रतिष्ठित व्यापारिक संगठन से जुड़ा हुआ है।
व्यापार महासंघ का महामंत्री निकला मुख्य आरोपी
साइबर फ्रॉड गिरोह का मुख्य सदस्य राजेश कुमार (राजेश राठौड़), निवासी पचपहाड़, व्यापार महासंघ का महामंत्री भी है। पुलिस उसे और उसके अन्य साथियों—ललित राणा व अजय विश्वकर्मा—को कड़ी सुरक्षा के बीच पैदल ही उन स्थानों पर ले गई जहाँ से वे अपनी गतिविधियों को अंजाम देते थे। नेहरू पार्क स्थित SBI एटीएम व राजकीय कमरुद्दीन चिकित्सालय के पास स्थित मेडिकल स्टोर और पचपहाड़ स्थित राजेश राठौड़ के निवास पर मौका तस्दीक की गई।
अवैध कमाई से खरीदी संपत्तियां जब्त
पुलिस ने आरोपी राजेश राठौड़ के घर से एक बलेनो कार और एक स्कूटी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, ये वाहन साइबर फ्रॉड के जरिए की गई धोखाधड़ी की राशि से खरीदे गए थे। एक प्रतिष्ठित पद पर रहते हुए इस प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्तता ने शहर के व्यापारिक गलियारों में भी चर्चा छेड़ दी है।
भारी मात्रा में उपकरण और नकदी बरामद
पुलिस ने इस संगठित गिरोह के पास से साइबर अपराध में प्रयुक्त होने वाला ‘जखीरा’ बरामद किया है:
53 एटीएम कार्ड (विभिन्न बैंकों के)
35 चेक बुक एवं 06 बैंक पासबुक
09 मोबाइल सिम एवं 01 लैपटॉप
1,54,800 रुपये नकद
“आरोपियों की रिमांड अवधि सोमवार को समाप्त होगी, जिसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। मुख्य आरोपी राजेश राठौड़ के घर से जब्त वाहन ठगी की कमाई से खरीदे गए थे। फिलहाल नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।”
— प्रमोद कुमार, वृत्त निरीक्षक
म्यूल अकाउंट्स से देशभर में फैला था जाल
यह गिरोह निर्दोष लोगों के ‘म्यूल बैंक खातों’ का उपयोग कर देशभर में साइबर ठगी की राशि को इधर-उधर करने का काम करता था। भवानीमंडी पुलिस की इस कड़ी कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी चाहे किसी भी रसूख या पद पर बैठा हो, वह कानून की पहुंच से दूर नहीं है।

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