जिले में खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर कृषि विभाग का डंडा, 6 विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

झालावाड़ | ( जगदीश पोरवाल ) 12 अप्रैल जिले में कृषि फसलों के ऑफ-सीजन का फायदा उठाकर खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ कृषि विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। नियमों के उल्लंघन और लापरवाही बरतने पर विभाग ने जिले के 6 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस 14 दिनों के लिए निलंबित कर दिए हैं।

​इन विक्रेताओं पर गिरी गाज

​संयुक्त निदेशक डॉ. नरेश कुमार शर्मा के अनुसार, जांच के दौरान दस्तावेजों में हेराफेरी, बिल जारी न करने और राज्य से बाहर खाद भेजने जैसी अनियमितताएं पाई गईं। इसके चलते निम्नलिखित केंद्रों पर कार्रवाई की गई है:

  1. राठौर कृषि सेवा केंद्र, झालरापाटन
  2. राठौर कृषि फार्मा, भवानीमंडी
  3. अग्रवाल कृषि बाजार, चौमहला
  4. तक्ष एंटरप्राइजेज, दुधालिया
  5. लववंशी खाद भंडार, घाटोली
  6. श्री कृष्णा कृषि सेवा केंद्र, मनोहरथाना

​यूरिया की बिक्री पर आंशिक प्रतिबंध

​ऑफ-सीजन में यूरिया और डीएपी के अनावश्यक भंडारण को रोकने के लिए विभाग ने यूरिया की सामान्य बिक्री पर अगले आदेश तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, जिन किसानों को वास्तविक आवश्यकता है, उन्हें जांच के बाद अधिकतम 1 से 2 बैग ही उपलब्ध कराए जाएंगे।

​”विक्रेताओं के पास उपलब्ध भौतिक स्टॉक और पीओएस (POS) मशीन के बैलेंस पर पैनी नजर रखी जा रही है। यूरिया का गैर-कृषि कार्यों में उपयोग या जमाखोरी पाए जाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”

डॉ. नरेश कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक (कृषि)

​खाद की उपलब्धता और विभागीय सलाह

​विभाग ने स्पष्ट किया कि जिले में खरीफ फसलों की बुवाई हेतु खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति निरंतर जारी है।

  • यूरिया: 15,800 मेट्रिक टन
  • डीएपी: 3,284 मेट्रिक टन
  • सिंगल सुपर फॉस्फेट: 25,120 मेट्रिक टन

किसानों को सुझाव: कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटाई के बाद खेतों की गहरी जुताई करें और फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर भूमि की उर्वरता बढ़ाएं। साथ ही, खाद का अनावश्यक स्टॉक न करने और केवल संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की गई है।

नोट- फोटो एआई द्वारा निर्मित काल्पनिक है ।

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