भवानीमंडी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भवानीमंडी खंड द्वारा शुक्रवार को संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आदर्श विद्या मंदिर, गुराडिया जोगा में “प्रमुख जन गोष्ठी” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राजस्थान क्षेत्र गौ सेवा संयोजक राजेंद्र पामेचा ने अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि भारत से प्रेम करने वाला और अपनी भारतीय पहचान पर गर्व करने वाला हर व्यक्ति हिन्दू है, चाहे उसकी उपासना पद्धति कुछ भी हो। उनके अनुसार “हिन्दू” शब्द केवल धार्मिक परिभाषा तक सीमित नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सांस्कृतिक निरंतरता से निर्मित एक व्यापक सभ्यतागत पहचान है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ की स्थापना के समय ही डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने भारत को हिन्दू राष्ट्र बताया था, क्योंकि इसकी सभ्यतागत आत्मा स्वयं इसे अभिव्यक्त करती है।
“संघ का उद्देश्य व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण”
पामेचा ने संघ की मूल विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ की स्थापना किसी का विरोध करने के लिए नहीं, बल्कि व्यक्ति निर्माण और समाज को संगठित कर भारत को “विश्वगुरु” बनाने के उद्देश्य से हुई है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि संघ को समझने के लिए शाखा में जाएँ, न कि पूर्वाग्रहों के आधार पर राय बनाएं।
पंच परिवर्तन पर विशेष जोर
उन्होंने “पंच परिवर्तन” — सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, स्वबोध और पर्यावरण संरक्षण — की अवधारणा को विस्तार से समझाया। कुटुंब प्रबोधन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि हर परिवार को अपने पूर्वजों की परंपराओं और कहानियों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना चाहिए, ताकि उनमें सामाजिक और राष्ट्रीय उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो।

युवाओं और सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा
मुख्य वक्ता ने जनसांख्यिकीय चुनौतियों, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सजगता की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने अवैध घुसपैठ, संतुलित जनसंख्या नीति और विभाजनकारी धार्मिक परिवर्तन के प्रयासों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं को सोशल मीडिया का विवेकपूर्ण उपयोग करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में रही व्यापक भागीदारी
कार्यक्रम में संघ के पदाधिकारी, स्वयंसेवक, प्रबुद्धजन, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद एवं विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंच पर संघचालक बनेसिंह भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई, जिसके बाद भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। अंत में मंचासीन अतिथियों का औपचारिक परिचय और स्वागत किया गया।


