भवानीमंडी (जगदीश पोरवाल), 10 अप्रैल 2026। साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भवानीमंडी थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे साइबर फ्रॉड के मुख्य आरोपी शेखचंद बैरवा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस प्रकरण में अब तक कुल 11 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
ऐसे करता था ठगी का खेल
जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में की गई कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन ठगी को अंजाम देता था। यह गिरोह लोगों के खातों का उपयोग कर साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करता था।
भवानीमंडी पुलिस उपाधीक्षक प्रेम कुमार चौधरी ने बताया कि घटना 30 सितंबर 2025 की है, जब भवानीमंडी थाने में मामला दर्ज हुआ था। जांच में पाया गया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी बैंक खातों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी करता था। इस मामले में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
1 साल से था फरार
मुख्य आरोपी शेखरचंद बैरवा पुत्र शंकर लाल बैरवा (38 ) निवासी सहरावदा थाना मोड़क ( जिला कोटा ) पिछले एक वर्ष से फरार चल रहा था। पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे जयपुर जिले के प्रताप नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
विशेष टीम ने निभाई अहम भूमिका
इस कार्रवाई के लिए भवानीमंडी थाना प्रभारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में एएसआई महेश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने लगातार प्रयास कर आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।
आरोपी का प्रोफाइल
गिरफ्तार आरोपी शेखरचंद बैरवा (38) मूल रूप से कोटा ग्रामीण क्षेत्र का निवासी है, जो फिलहाल जयपुर में रह रहा था और वहीं से साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

